No Lungi and Nighty during Walking: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में स्थित हिमसागर अपार्टमेंट सोसाइटी (Himsagar Society) अपने तुगलकी फरमान की वजह से चर्चा में है, जिसके आदेश ने मॉर्निंग वॉक करने वालों की मुसीबत बढ़ा दी है. दरअसल, सोसाइटी प्रशासन ने नाइटी और लुंगी पहनकर सोसाइटी में टलहने पर रोक लगा दी है. मामला ग्रेटर नोएडा के फाई-2 पॉकेट 4 स्थित अपार्टमेंट का है, जहां रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने नोटिस जारी किया, जिसका लोग विरोध कर रहे हैं. बता दें कि किसी के भी ड्रेसिंग पर रोक लगाना उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है. पहले भी कई सोसाइटी इस तरह के आदेश जारी कर चुके हैं, जिसके जरिए लोगों को मौलिक और संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जाता है. 


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नोटिस में कही गई हैं ये बातें


हिमसागर अपार्टमेंट सोसाइटी (Himsagar Society) के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने नोटिस जारी कर सोसाइटी में टहलने के दौरान लोगों को अपने पहनावें पर ध्यान देने के लिए कहा है. नोटिस में कहा गया है कि लोग लुंगी और नाइटी पहनकर सोसाइटी में वॉक ना करें. इसके साथ ही नोटिस में कहा गया है कि लुंगी और नाइटी घर का पहनावा है, जिससे गलत माहौल बनता है.


सोसाइटी के आरडब्ल्यूए सचिव ने कही ये बात


हिमसागर सोसाइटी (Himsagar Society) के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के सचिव ने नोटिस को लेकर सफाई दी है और कहा है कि सोसाइटी में बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) के रिटायर्ड और सेवारत लोग रहते हैं. उन्होंने आगे कहा कि सभी लोगों से अपेक्षा की जाती है कि टहलते वक्त आचरण और पहनावे का विशेष ध्यान रखें. ऐस में सभी से अनुरोध है कि वो लुंगी और नाइटी पहनकर बाहर ना घूमें, जो की घर का पहनावा है.


सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने दी सफाई


रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के अध्यक्ष सीके कालरा ने भी नोटिस को लेकर सफाई दी है और कहा है कि हिमसागर सोसाइटी (Himsagar Society) में रहने वालों लोगों की तरफ से इस तरह की शिकायतें लगातार आ रही थीं कि लोग घर के अंदर पहनने वाले कपड़ों में ही बाहर घूमने लगते हैं. इससे गलत माहौल बनता है.


लोगों पर नहीं थोपा गया है नियम: सोसाइटी


बता दें कि आदेश आने के बाद कुछ लोगों ने दबी जुबान में इसका विरोध करना शुरू कर दिया है. इस पर सोसाइटी के अध्यक्ष सीके कालरा ने कहा है कि सोसाइटी में रहने वालों लोगों से सिर्फ ऐसा करने के लिए अनुरोध किया गया है. लोगों पर किसी तरह का नियम थोपा नहीं गया है और ना ही लोगों को नियम मानने के लिए बाध्य किया गया है.