इंदौर: इंदौर में जीवन रक्षक आपूर्ति की कालाबाजारी करने वाले 21 लोगों पर अब तक रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की गई है. एक दर्जन से अधिक कालाबाजारी के मामले में शहर के अलग-अलग थाने में मामले दर्ज किए गए हैं. इंदौर आईजी ने सख्त आदेश दिए हैं कि अगर किसी जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी की तो उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया जाएगा. उसकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी. 


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आईजी हरिनारायण चारी मिश्र ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नकली रेमडेसिविर बेचने वालों की कॉल डिटेल निकालकर उनके खिलाफ सख्त एक्शन लें. अगर पीड़ित यह शिकायत करता है कि नकली इंजेक्शन उसके किसी परिजन की मौत हुई है तो आरोपी के खिलाफ 304 ए गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया जाए.


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आईजी ने स्पष्ट कहा कि नकली इंजेक्शन बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उनकी संपत्ति का ब्यौरा भी निकाला जाएगा, आरोपियों के घरों को जमींदोज भी किया जाएगा. वहीं, जिला प्रशासन द्वारा लगातार पकड़े गए आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई की जा रही है. इतना ही नहीं इंजेक्शन कालाबाजारी में डॉक्टर, मेडिकल संचालक की संलिप्तता मिलने पर मेडिकल लाइसेंस निरस्त किया जाएगा.


गुजरात में पकड़ी गई नकली  निकली इंजेक्शन के तार प्रदेश के कई शहरों से जुड़े मिलने के बाद बॉर्डर को लेकर पुलिस सख्त हो गई है. आईजी ने आदेश दिए हैं कि गुजरात बॉर्डर लगे क्षेत्रों की संघन चेकिंग होगी. बॉर्डर को पूरी तरह से सील करने के आदेश उन्होंने दिए हैं. 


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आईजी हरिनारायण चारी मिश्र ने कहा है कि मेडिकल उपकरण की बारीकी से जांच की जाए. वहीं आरोपियों के फोटो सार्वजनिक होने पर पीड़ित भी खुलकर सामने आ रहे हैं और पुलिस को कालाबाजारी करने वालों को नाम पते बता रहे हैं. जानकारी मिलने के बाद पुलिस हॉस्पिटल और मेडिकल स्टोर में छापेमारी भी कर रही है. 


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