Advertisement
trendingNow1/india/madhya-pradesh-chhattisgarh/madhyapradesh2045450

MP News: म्यूजिक की मदद से कमरे को कश्मीर बनाकर शुरू की केसर की खेती, अब है लाखों में कमाई

Mandsaur News: कश्मीर से केसर के बल्ब लेकर दंपति ने यहां तकरीबन पांच लाख के खर्च से indoor फार्मिंग की. इस खेती में पौधों के डेवलपमेंट के लिए म्यूजिक का भी सहारा लिया गया.

 

MP News: म्यूजिक की मदद से कमरे को कश्मीर बनाकर शुरू की केसर की खेती, अब है लाखों में कमाई

मनीष पुरोहित/मंदसौर: इन दिनों केसर की खेती खूब चर्चा में है.  इसकी कड़ी में मंदसौर के दंत चिकित्सक दंपति डॉक्टर कुणाल राठौर और डॉक्टर निकिता राठौर ने बंद कमरे में मंत्रो की मदद से केसर की खेती की है. इस खेत में केसर के फूल लहलहा रहे हैं. पिछले तीन साल की मेहनत के बाद केसर की इंडोर फार्मिंग में इस दंपत्ति को सफलता मिली है. इस खेती के लिए केसर के बल्ब कश्मीर से ला रहे हैं.

नासा की तकनीक से प्रभावित होकर की खेती
Dr कुणाल राठौर बताते है कि नासा की Aeroponics तकनीक से प्रभावित होकर हमने केसर की खेती करने का सोचा. इसके लिए काफी रिसर्च की उसके बाद हमें सफलता मिली. इसके लिए हम कई दिन कश्मीर भी रहे. कश्मीर से केसर के बल्ब लेकर हमने यहां तकरीबन पांच लाख के खर्च से indoor फार्मिंग की. और इस खेती में पौधों के डेवलपमेंट के लिए म्यूजिक का भी सहारा लिया. जिसके सकारात्मक प्रभाव निकले और हमने आखिरकार केसर की फसल को उगाने में सफलता मिली.

कैसे किया जाता है म्यूजिक की मदद से खेती
इस तकनीक को dr कुणाल राठौर ने Acoustic Blooming तकनीक नाम दिया है. इस तकनीक में रूम का टेंपरेचर 25 से 6 डिग्री तक मेंटेन करते है. कार्बन डाइऑक्साइड फ्लो किया जाता है, जिसे 400 पीपीएल से साढ़े तीन हजार ppl(parts per million) तक रखते है. ह्यूमिडिटी की रेंज 65 to 90 रखते है. 350 से 1500 LUX ग्रो लाइट का उपयोग किया जाता है. साउंड सिस्टम के जरिए बीज मंत्र और गायत्री मंत्र चलाकर पौधों को सुनाया जाता है. इस तकनीक के जरिए छोटे से लैब में ढाई लाख के इन्वेस्टमेंट में ढाई लाख का मुनाफा कमाया जा सकता है.

Add Zee News as a Preferred Source

अपने पति का सहयोग कर रही डॉक्टर निकिता बताती है कि हम पेशे से दंत चिकित्सक है. लेकिन लंबे समय से सोच रहे थे कि फाइनेशियल सिक्योरिटी के लिए और बिजनेस क्या करें. हमारे पास इतना समय भी नहीं रहता की हम कहीं और ज्यादा समय दे पाए. फिर काफी रिसर्च के बाद समय प्रबंधन की अनुकुलता के हिसाब से हम दोनों ने इस खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाने का सोचा और अब यही हमारे लैब में एक रूम में हम केसर की खेती कर रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: MP News: भीमकुंड में डूबने से यूपी के व्यक्ति की मौत, तीसरे दिन भी नहीं मिला शव, रेस्क्यू जारी

 

लाखों में कमाई
दंपति ने बताया कि हमारी तैयार की गई केसर का रेट 700 रूपये पर ग्राम मिल रहा है. मगर इंटरनेशनल मार्केट में 1200 रूपये तक मिल सकता है. इसके लिए मार्केटिंग की कोशिश की जा रही है. अब हम इसकी ओर लोगों को भी ट्रेनिंग देना चाहते है. ताकि बाकी लोगों को भी इसका लाभ मिल सके.

TAGS

Trending news