MP: घोड़ी पर सवार होकर अपने दुल्हे को ब्याहने चलीं दो लड़कियां, आमंत्रण पत्र भी था जरा हटके

खंडवा में दो बहनों की खूब धूम-धाम से बारात निकाली गई. जिसे देख सारे लोग दंग रह गए. ये दुल्हने न सिर्फ घोड़ी पर सवार होकर अपनी बारात दूल्हे के घर ले गई बल्कि इनकी शादी का पूरा आयोजन ही सामाजिक संदेशों से भरा रहा.

MP: घोड़ी पर सवार होकर अपने दुल्हे को ब्याहने चलीं दो लड़कियां, आमंत्रण पत्र भी था जरा हटके
दुल्हा नहीं बल्कि दुल्हन घोड़ी पर सवार होकर हाथ में तलवार लिए अपने दुल्हे के पास जा रही

प्रमोद सिंहा/खंडवा: मध्यप्रदेस के खंडवा में एक अनोखी शादी देखने को मिली है जहां बारात में बैंड बाजा और बाराती तो हैं लेकिन दुल्हा नहीं है. दरअसल इस बारात में दुल्हा नहीं बल्कि दुल्हन घोड़ी पर सवार होकर हाथ में तलवार लिए अपने दुल्हे के पास जा रही है और हैरानी की बात यह है कि यहां एक नहीं दो-दो दुल्हनें अलग-अलग घोड़ी पर सवार हैं. 

बता दें कि खंडवा में दो बहनों की खूब धूम-धाम से बारात निकाली गई. जिसे देख सारे लोग दंग रह गए. ये दुल्हने न सिर्फ घोड़ी पर सवार होकर अपनी बारात दूल्हे के घर ले गई बल्कि इनकी शादी का पूरा आयोजन ही सामाजिक संदेशों से भरा रहा. दुल्हन के परिवार ने पर्यावरण को बचाने और स्वछता रखने के लिए रुमाल पर आमंत्रण पत्र छपवाया. तो वहीं दूल्हे ने भी आधार कार्ड की तरह आमंत्रण पत्र छपवा कर बेटी बचाओ बेटी पड़ाव का सन्देश दिया.

हाथ में झांसी की रानी की तरह तलवार लहराती ये खंडवा की रहने वाली दो बहनें साक्षी और सृष्टि हैं. दोनों दुल्हन बन घोड़ी पर सवार होकर दूल्हे वालों के यहां बारात लेकर पहुंची. ज्यादातर समाज में लड़को की ही बारात घोड़ी पर सवार हो कर गाजे बाजे के साथ नाचते झूमते देखी जाती है, लेकिन पाटीदार समाज में लड़कियो की बारात भी धूमधाम से निकाली जाती हैं.

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पाटीदार समाज की ये परम्परा बरसों पुरानी है जो आज भी निभाई जाती है. साक्षी और सृष्टि की बारात भी बड़ी धूम धाम से निकली. जिसमे बैंड-बाजा के साथ बाराती नाचते झूमते दिखे. हाथ में तलवार लिए सर पर सापा बांध घोड़ी पर सवार शाक्षी और स्रष्टि भी किसी रानी से कम नही लग रही थी. शासन भले ही महिलाओ को शसक्त बनाने के लिए कई तरह की योजनाए चला रही है पर पाटीदार समाज में बरसो पहले से लड़कियो को भी लड़को के बराबर दर्जा दिया जाता है

इस शादी की खास बात यह भी रही कि शादी में जो निमंत्रण पत्र बांटा गया था उसमे पेपर का इस्तेमाल नही किया गया. पेपर बचाने के लिए निमंत्रण पत्र रुमाल पर प्रिंट कराया गया. पर्यावरण का संदेश देने के उद्देश्य से बांटे गए इस निमंत्रण पत्र को लेकर भी यह शादी काफी चर्चाओं में है. परिजन बताते हैं कि उन्होंने अपने मेहमानों को बुलाने के लिए जो निमंत्रण पत्र बांटे उससे पेपर भी बचेगा और कचरा भी नहीं फैलेगा. इतना ही नहीं रुमाल धुलाई के बाद इतेमाल में भी लिया जा सकता हैं.