Ajmer: उदयपुर में हुए कन्हैया लाल हत्याकांड के तार अब अजमेर से भी साफ तौर पर जुड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. जिस तरह के तथ्य सूत्रों के माध्यम से मीडिया के हाथ लगे हैं, वह साफ तौर पर इशारा कर रहे हैं कि सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के मुख्य द्वार पर खड़े होकर 'सर तन से जुदा' जैसे कातिलाना नारे की आवाज को बुलंद करने वाला गौहर चिश्ती अब जांच के केंद्र में आ रहा है.


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जानकारी के मुताबिक, गौहर चिश्ती ने 17 जून को दरगाह की सीढ़ियों पर खड़े होकर भड़काऊ नारे लगाए और उसके बाद वह अजमेर से रवाना होकर उदयपुर पहुंच गया था. मिल रही जानकारी के अनुसार, गौहर की उदयपुर में मुलाकात कन्हैया लाल के हत्यारे रियाज मोहम्मद से हुई. इस मुलाकात में क्या कुछ हुआ, फिलहाल यह सामने आना बाकी है लेकिन सूत्रों की मानें तो पुलिस जांच में यह स्थापित हो रहा है कि गौहर ने 17 जून को जयपुर जाकर रियाज मोहम्मद से मुलाकात की थी.


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अनवर हुसैन पर भी शक की सुई
इसी के साथ कन्हैया लाल हत्याकांड से गौहर के जुड़ने का एक और सूत्र अनवर हुसैन भी बन रहा है. यह वही अनवर हुसैन है, जिसे एटीएस द्वारा अपनी गिरफ्त में विगत 30 जून को ले लिया गया था. बताया जा रहा है कि अनवर हुसैन गोहर चिश्ती और रियाज मोहम्मद की बीच की कड़ी है. पिछले लंबे समय से रियाज मोहम्मद और अनवर हुसैन की हर महीने अजमेर में मुलाकात हुआ करती थी. सूत्रों की मानें तो कन्हैया लाल की हत्या के बाद उदयपुर से रवाना हुए रियाज मोहम्मद और गौस मोहम्मद अजमेर ही आ रहे थे. यहां उनकी मुलाकात गौहर चिश्ती से होनी थी और उसके बाद गौहर चिश्ती ही वह शख्स था, जिसे रियाज मोहम्मद और गौस मोहम्मद की फरारी का इंतजाम करना था. 


पुलिस कर रही जांच
इस पूरे मामले में जब अजमेर एडिशनल एसपी विकास सांगवान से जानकारी चाही गई तो उनका कहना था कि पुलिस इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और जांच में उदयपुर और अजमेर मामले को जोड़कर भी देखा जा रहा है लेकिन फिलहाल किसी भी तथ्य की पुष्टि करना संभव नहीं है क्योंकि जांच जारी है.


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