Kota: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से कोटा में जल्द कैंसर के मरीजों के लिए लीनियर एक्सीलरेटर मशीन स्थापित की जाएगी. सेंट्रल हेल्थ वेलफेयर डिपार्टमेंट के आदेश के बाद टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स की टीम ने कोटा के एमबीएस हॉस्पिटल और न्यू मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी विंग का निरीक्षण किया. टीम ने दोनों ही अस्पतालों में निरीक्षण कर लीनियर एक्सीलेटर मशीन के लिए जगह चिन्हित की.


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जानकारी के अनुसार कैंसर के मरीजों को रेडिएशन देने के लिए काम आने वाली लीनियर एक्सीलेटर मशीन 35 करोड़ की लागत से एमबीएस हॉस्पिटल और न्यू मेडिकल कॉलेज में स्थापित की जाएगी. टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के डीन प्रोजेक्ट हेड डॉक्टर कैलाश शर्मा और उनके साथ आई टीम ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना से मशीन के लिए जगह को लेकर चर्चा की. डीन प्रोजेक्ट डॉ. कैलाश शर्मा ने कहा कि कैंसर के मरीजों के लिए लीनियर एक्सीलेटर मशीन बेहद लाभकारी होगी और अगले 1 साल में मशीन स्थापित किए जाने के साथ, नई यूनिट भी स्थापित की जाएगी, जिसमें सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी.


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क्या है लीनियर एक्सीलेटर मशीन


लीनियर एक्सीलेटर की अत्याधुनिक सुविधाओं वाली मशीन है. यह सुविधा शुरू होने से कैंसर के रोगियों को उपचार के दौरान होने वाली सिकाई में काफी राहत मिलेगी.रेडियोथैरेपी के दौरान मरीजों की होने वाली सिकाई में इस तकनीक का प्रयोग किया जाता है, जब सिकाई में रेडियो तरंगें कैंसर प्रभावित क्षेत्र में छोड़ी जाती है तो मरीज की त्वचा जलने लग जाती है, लेकिन इस तकनीक की मदद से उन किरणों पर अधिक फोकस किया जा सकेगा और मरीज की त्वचा भी नहीं जलेगी. इससे मरीजों में साइड इफेक्ट की संभावना न के बराबर रहती है. कई बार मोशन की वजह से लार ग्रंथियां सूख जाती है, लेकिन इस मशीन से ऐसा नहीं होगा, न ही मरीजों के स्किन पर काले निशान पड़ेंगे. 


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