Khinvsar : राजस्थान के खींवसर में धनंजय सिंह खींवसर ने विधानसभा क्षेत्र के खोडवा, ताड़ावास, नारवा, बैराथल, भेड़, देऊ क्षेत्र का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात, युवाओं से बात करते हुए क्षेत्र की समस्याओं के बारे में चर्चा की साथ ही विभिन्न शोक सभाओं में भाग लिया.


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खींवसर ने बताया क्षेत्र के युवा साथियों से संवाद से वे परेशान भी है और आहत भी है, उन्होंने कहा की द्वेषपूर्ण राजनीति के चलते खींवसर के भाजपा कार्यकर्ताओं को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है, प्रशासनिक शक्तियों और गुंडागर्दी का उपयोग भाजपा कार्यकर्ता, युवाओं और जनता की आवाज बंद करने के लिए लिया जा रहा है.


धनंजय सिंह ने कहा की स्थानीय नेताओं की राजनीतिक आलोचना की अस्वीकार्यता का तो स्तर ये है की किसी छोटी शिकायत और विरोध की आवाज को पहले गुंडई और बाद में प्रशासन द्वारा दबाने का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है, जो की आमजन के लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है, सत्ता की मद में चूर ये लोग शायद भूल चुके है की इसी जनता ने इन्हें चुनकर भेजा है और यही जनता इन्हें सत्ता विहीन करने में भी समय नहीं लगाएगी.


द्वेषपूर्ण राजनीति के चरम पर चलते कई ढाणियों में बिजली के खंभे तक नहीं लगने दिए जा रहे है, मोदी सरकार हर घर जल देने का कार्य कर रही है और स्थानीय जनप्रतिनिधि जल जैसे मूलभूत सुविधा को भी अपनी द्वेषपूर्ण राजनीति का हिस्सा बना चुके है, नहर का मीठे पानी जनता तक नही पहुंच रहा है. लेकिन खींवसर की जनता भी क्या करें वो लाचार है. क्योंकि उनकी आवाज को उचित स्थान तक उठाने वाले जिम्मेदार खुद अपनी जिम्मेदारी से दूर जो भाग रहें है.


खींवसर की सड़कें उधड़ी हुई है, इन क्षतिग्रस्त मार्गों से निकलना दुश्वार है, आपातकाल की स्थिति में इन सड़कों से अस्पताल तक पहुंचना भी संभव नहीं है, ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में स्टाफ की कमी है, स्कूलों में शिक्षक नहीं है और ये सब इसलिए क्योंकि जनता की आवाज को उठाने वाले स्वयं क्षेत्र से गायब है.


 स्थानीय विधायक और सरकार की कार्यशैली से हर खींवसरवासी प्रताड़ित है, स्थानीय विधायक ना तो क्षेत्र में नजर आते हैं ना ही विधानसभा में क्षेत्र की समस्याओं को उठाते हुए दिखते हैं तो खींवसर की यह दुर्दशा होनी स्वाभाविक है. इस दौरान पांचला सरपंच राजेंद्र सिंह, आशु सिंह, राजेंद्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.


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