Reaction of CM Arvind Kejriwal on passing of Delhi Service Bill in Rajya Sabha: काम में मुकाबला नहीं कर सकते. हमें काम करने से रोकने की कोशिश की जा रही है. मोदी दी जनता की बात नहीं मानते. चोर दरवाजे से सत्ता हासिल की गई. सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मानते. उसके आदेश का उल्लंघन किया गया. अमित शाह जी को बहुत घमंड है. इन लोगों में अहंकार भरा है. 


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राज्यसभा में दिल्ली सर्विस बिल पास होने पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मानते. वे अप्रत्यक्ष रूप से साफ कहते हैं कि अगर कोर्ट से मेरे मुताबिक फैसला नहीं आया तो मैं उसे संसद में बिल लाकर बदल दूंगा. जबकि दिल्ली की जनता कई मौकों पर बीजेपी को हराकर स्पष्ट कर चुकी है कि केंद्र सरकार दिल्ली के मामलों में हस्तक्षेप न करे. लेकिन पीएम मोदी जनता की की बातें सुनना नहीं चाहते. 


'हमारे अच्छे कामों को रोकने की कोशिश कर रही बीजेपी'


राज्यसभा में पास हुए दिल्ली सेवा विधेयक पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा, 'मैं जो भी करता हूं तो दिल्ली की जनता उसका समर्थन करती है. शहर की जनता ने हमें चुनाव में जीत दिलाकर बार-बार अपना समर्थन दिखाया है. बीजेपी सिर्फ हमारे अच्छे काम को रोकने की कोशिश कर रही है. वे दिल्ली के विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं. वे मुझे काम करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. इस बार जनता उन्हें कोई सीट नहीं जीतने देगी.'


'शक्ति अधिकार छीनने के लिए नहीं'


गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) को निशाने पर लेते हुए सीएम केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा, 'संसद में अमित शाह जी ने कहा कि हमारे पास कानून पारित करने की शक्ति है. लेकिन आपको यह शक्ति लोगों का काम करने के लिए दी गई है, उनके अधिकार छीनने के लिए नहीं.'


'छीनी गई दिल्ली के लोगों की वोटों की ताकत'


पीएम नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा, 'प्रधानमंत्री जी, ये काला क़ानून जनतंत्र के ख़िलाफ़ है, जनतंत्र को कमजोर करता है. अगर जनतंत्र कमजोर होता है तो हमारा भारत कमज़ोर होता है. पूरा देश समझ रहा है कि इस बिल के माध्यम से कैसे आप दिल्ली के लोगों के वोट की ताक़त को छीन रहे हैं. दिल्ली के लोगों को गुलाम और बेबस बना रहे हैं. उनकी सरकार को निरस्त कर रहे हैं. मैं आपकी जगह होता तो कभी ऐसा नहीं करता. अगर कभी देश और सत्ता में चुनना हुआ तो देश के लिए सौ सत्ता क़ुर्बान. सत्ता तो क्या, देश के लिए सौ बार अपने प्राण भी क़ुर्बान.'


'सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन'


दिल्ली सरकार से ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार छीने जाने पर केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने गहरी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, 'केंद्र की BJP सरकार ने आज Parliament में Delhi के लोगों को गुलाम बनाने वाला ग़ैर-संवैधानिक क़ानून पास करा कर दिल्ली के लोगों के वोट और अधिकारों का अपमान किया है. Supreme Court ने आदेश दिया, कहा लोग सरकार चुनते हैं, सरकार को पूरी ताकत होनी चाहिए.'


'देश के लोकतंत्र के लिए काला दिन'


पीएम मोदी को संबोधित करते हुए सीएम केजरीवाल ने कहा, 'प्रधानमंत्री जी ने एक हफ़्ते में अध्यादेश से उसको पलट दिया —लोग किसी की भी सरकार बनाएं, Control रहेगा Modi जी का. वो कह रहे हैं मैं Supreme Court को भी नहीं मानता? इतना अहंकार? भारत के जनतंत्र के लिए काला दिन. दिल्ली के लोगों को ग़ुलाम बनाने वाला बिल संसद में पास कर दिया गया.' 



'लोगों के वोट की कीमत नहीं बची'


दिल्ली के मुख्यमंत्री (Arvind Kejriwal) ने केंद्र के रवैये पर अपनी नाराजगी जताते हुए कहा, 'वर्ष1935 में अंग्रेजों ने Government of India Act बनाया था, जिसमें चुनाव होते थे लेकिन सरकार के पास काम करने की शक्तियां नहीं होती थी. आज आज़ादी के 75 साल बाद Modi जी ने दिल्ली के लोगों की आज़ादी छीन ली है. लोगों के Vote की कोई क़ीमत नहीं बची है अब दिल्ली में चुनाव तो होंगे लेकिन निर्वाचित सरकार के पास काम करने की शक्ति नहीं होगी.' 


प्रवेश वर्मा ने बिल होने पर जताई खुशी


वहीं दिल्ली से बीजेपी सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने दिल्ली सर्विस बिल के राज्यसभा में पास होने पर खुशी जताई. उन्होंने कहा, 'मैं दिल्ली के लोगों को बधाई देता हूं क्योंकि यह उनकी जीत है. अब अधिकारियों पर अरविंद केजरीवाल का डर खत्म हो गया है. बिल 30 वोटों के अंतर से पारित हुआ है. उन्होंने सोचा कि वे गठबंधन के साथ जीतेंगे.'