TMC statement on ED interrogation: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कांग्रेस सदस्यों से वित्तीय अनियमितता के मामले में पार्टी के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा तलब किये जाने पर विरोध-प्रदर्शन करने से परहेज करने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि कानून को अपना काम करना चाहिए.


कांग्रेस ने अपनाया था ये रुख


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TMC के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि कांग्रेस नेता अधीर चौधरी ने भी इसी तरह का रुख अपनाया था, जब ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के नेतृत्व वाली पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) से कोयला चोरी के मामले की जांच के तहत केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने पूछताछ की थी.


दोनों मुद्दों की तुलना नहीं


हालांकि, कांग्रेस की त्रिपुरा (Congress Tripura)  इकाई के अध्यक्ष बिरजीत सिन्हा ने घोष पर निशाना साधते हुए कहा कि गांधी के विपरीत TMC सांसद कई मामलों में आरोपी थे और दोनों मुद्दों की तुलना नहीं की जा सकती. सिन्हा ने बनर्जी के खिलाफ अपने बयान में उन मामलों का जिक्र नहीं किया, जिनकी ओर उनका इशारा था.


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कांग्रेस और माकपा ने किया था स्वागत


घोष ने कहा कि राहुल गांधी को प्रवर्तन निदेशालय के समन पर हमें कुछ नहीं कहना है. कांग्रेस और माकपा ने अभिषेक बनर्जी से सीबीआई (CBI) और ईडी की पूछताछ का स्वागत किया था. घोष ने कहा कि उन्होंने कहा था कि कानून को अपना काम करना चाहिए. अगर चौधरी का यही रुख है तो उन्हें आदर्श रूप से गांधी के साथ ईडी कार्यालय जाना चाहिए था.


ईडी की पूछताछ का सामना


कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दिन में ईडी अधिकारियों की पूछताछ का सामना करना पड़ा, जबकि उनकी मां और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए और समय मांगा है. कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने देश भर में विरोध प्रदर्शन करते हुए दावा किया कि उनके नेताओं को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है.


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कांग्रेस के दो दृष्टिकोण


घोष ने कहा कि एक पार्टी को एक ही विषय पर दो दृष्टिकोण नहीं रखने चाहिए. जब TMC ने केंद्र द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाई थी तो कांग्रेस और माकपा के नेता सुनने के मूड में नहीं थे. यही कारण है कि दोनों दलों का अस्तित्व बंगाल में लगभग समाप्त हो गया है.


दीदी ने पीएम मोदी ने मिलाया हाथ


इस बीच घोष की टिप्पणी पर आलोचना करते हुए सिन्हा ने आरोप लगाया कि देश जानता है कि दीदी (ममता बनर्जी) ने अपने भतीजे (अभिषेक) को बचाने के लिए अंदरखाने से (प्रधानमंत्री) मोदी से हाथ मिला लिया था. राहुल गांधी को ईडी ने तलब किया था, इसके बावजूद कि किसी भी भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं हैं. दोनों मामले अलग हैं.
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