अब्दुल्ला आजम के चुनाव लड़ने पर लग सकता है 6 साल का बैन, राष्ट्रपति को लिखा गया पत्र
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अब्दुल्ला आजम के चुनाव लड़ने पर लग सकता है 6 साल का बैन, राष्ट्रपति को लिखा गया पत्र

यूपी असेंबली सेक्रेटेरिएट ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि अब्दुल्ला आजम को चुनाव में भ्रष्ट आचरण का दोषी पाया गया है, इसलिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 8-क के तहत 6 वर्षों तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए.

अब्दुल्ला आजम खान.

लखनऊ: सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम के 6 वर्ष तक चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है. इस संबंध में बीते गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय की ओर से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा गया है. राष्ट्रपति भारत निर्वाचन आयोग से सहमति लेकर अब्दुल्ला आजम के चुनाव लड़ने पर रोक का आदेश कर सकते हैं.

यूपी असेंबली सेक्रेटेरिएट ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि अब्दुल्ला आजम को चुनाव में भ्रष्ट आचरण का दोषी पाया गया है, इसलिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 8-क के तहत 6 वर्षों तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए.

फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने के दोषी पाए जा चुके हैं अब्दुल्ला
उत्तर प्रदेश की रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से विधायक अब्दुल्ला आजम खान द्वारा अपनी जन्मतिथि गलत दर्शाने के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें चुनाव में भ्रष्ट आचरण का दोषी माना है. इसी कारण अब्दुल्ला आजम की विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई थी. अब्दुल्ला आजम जिस वक्त स्वार सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, उस समय उनकी उम्र 25 साल नहीं थी.

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उन पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र में अपनी उम्र 25 वर्ष दिखाने और चुनाव लड़ने की योग्यता हासिल करने का आरोप लगा था. जांच में आरोप सही साबित हुए थे और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिसंबर 2018 में उनके विधानसभा निर्वाचन को अवैध ठहराया था. बाद में उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी. आपको बता दें कि भारत में विधायकी का चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र सीमा 25 वर्ष है. 

फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में पिता और मां के साथ सीतापुर जेल में हैं अब्दुल्ला
सियासी हलकों में ऐसी अटकलें थीं कि समाजवादी पार्टी अब्दुल्ला को फिर से स्वार से चुनाव लड़ा सकती है, इस सीट पर उपचुनाव होना है. जो अब्दुल्ला की सदस्यता रद्द होने के कारण ही खाली हुई थी. जमानत नहीं मिलने पर वह जेल से भी चुनाव लड़ सकते थे. लेकिन अब उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने राष्ट्रपति को पत्र लिख अब्दुल्ला के 6 वर्षों तक चुनाव लड़ने पर रोक की मांग की है.

गेंद अब निर्वाचन आयोग और राष्ट्रपति के पाले में है. आपको बता दें कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में ही रामपुर एडीजे कोर्ट ने अब्दुल्ला, उनके पिता आजम खान और मां तजीन फातिमा को जेल भेजा है. तीनों बीते 6 महीने से सीतापुर कारागार में बंद हैं.

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