लुंगी का इस्तेमाल कर जेल से भागा था कैदी, 11 साल बाद पुलिस ने धर धबोचा

कई साल तक आरोपी का कोई पता नहीं लग पाने पर पुलिस ने उस पर 25 हजार का ईनाम घोषित किया था. बुधवार को मुखबिर के जरिए पुलिस टीम को सूचना मिली कि आरोपी अपना नाम बदलकर गाजियाबाद में रह रहा है और बारादरी में अपने भाई के पास जा रहा है.

लुंगी का इस्तेमाल कर जेल से भागा था कैदी, 11 साल बाद पुलिस ने धर धबोचा
सांकेतिक तस्वीर.

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में STF और शहर कोतवाली पुलिस ने 25 हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है. यह इनामी बदमाश नुरुलहसन करीब 11 साल पहले जिला जेल से फरार हो गया था. पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी उसे ढूंढ़ नहीं जा सका था, जिसके बाद उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किय गया था. अब आखिरकार यह बदमाश पुलिस की गिरफ्त में है.

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काम करते हुए हुआ था जेल से फरार
एसपी सिटी रविंद्र कुमार ने जानकारी दी कि बदमाश नुरुल हसन उत्तराखंड का रहने वाला है. साल 2009 में जब वह जिला जेल में बंद था, उस दौरान कारागार में कुछ काम काम कर रहा था. दिन के ही समय वह लुंगियों की लंबी रस्सी बना कर जेल से भाग गया और तब से ही फरार चल रहा था. पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी हुई थीं.

घेराबंदी कर पकड़ा गया बदमाश
कई साल तक आरोपी का कोई पता नहीं लग पाने पर पुलिस ने उस पर 25 हजार का ईनाम घोषित किया था. बुधवार को मुखबिर के जरिए पुलिस टीम को सूचना मिली कि आरोपी अपना नाम बदलकर गाजियाबाद में रह रहा है और बारादरी में अपने भाई के पास जा रहा है. उसपर कोतवाली पुलिस और एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर उसे चौकी चौराहे से  गिरफ्तार कर लिया.

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मिला फर्जी नाम का आधार कार्ड, बनाने वाले की तलाश शुरू
तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुआ है. इसमें उसने अपना नाम नूरुल हसन से बदलकर मोहम्मद अय्यूब कर लिया. पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले की भी तलाश शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस आरोपी नुरुल हसन पर फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में एक और मुकदमा दर्ज कर जेल भेज रही है.

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