विक्टोरिया पार्क अग्निकांड में हो गई थी मौत! अब 17 साल बाद जिंदा मिला हत्या का दोषी, हैरान कर देगी साजिश की यह कहानी

 मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव में 1988 में अनिल नाम के एक शख्स की हत्या हुई थी. गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप भी लगा. इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अनिराज सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई थी

विक्टोरिया पार्क अग्निकांड में हो गई थी मौत! अब 17 साल बाद जिंदा मिला हत्या का दोषी, हैरान कर देगी साजिश की यह कहानी
सांकेतिक तस्वीर

मेरठ: अपराधियों के फरार होने की काफी खबरें आपने टीवी पर देखी होंगी और अखबार में पढ़ी भी होंगी. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अपराधी से रूबरू कराने जा रहे हैं. जो हत्या करने के बाद जेल भी गया. पैरोल पर बाहर भी आया, फिर ऐसी कलाकारी की कि पुलिस भी हैरान रह गई है.

विक्टोरिया पार्क अग्निकांड में हो गई थी मौत!
दरअसल, मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के मदारपुर गांव में 33 साल पहले अनिल नाम के एक शख्स की हत्या हुई थी. गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगा. इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अनिराज सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई थी.अनिराज 17 साल पहले पैरोल पर जेल से बाहर आया. इसके बाद वह फरार हो गया. इसके बाद अनिराज के परिजनों ने पुलिस को बताया कि 10 अप्रैल 2006 को मेरठ में हुए विक्टोरिया पार्क अग्निकांड में अनिराज की मौत हो गई. इतना ही नहीं परिजनों ने मौत का प्रमाण पत्र भी सौंप दिया. इसके बाद पुलिस ने यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेज दी थी.

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मृतक के परिजनों ने पुलिस को दी जानकारी
पिछले साल मृतक अनिल के परिजनों को जानकारी हुई कि अनिराज अभी भी जिंदा है. इसके बाद उन्होंने 2020 में पुलिस को इसकी सूचना दी. पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पाया कि अनिल के परिजनों का दावा सही है और अनिराज अभी भी जीवित है. इस पर सरधना थाने में हत्यारे अनिराज के खिलाफ फर्जी कागजात तैयार करने का मामला भी दर्ज किया गया. साथ ही अनिराज को पकड़ने के लिए पुलिस ने 20 हजार रुपए के इनाम का ऐलान कर दिया.

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रुद्रपुर में परिवार के साथ रह रहा था अनिराज
बुलंदशहर की पुलिस ने गुरुवार को कस्बा स्याना से अनिराज को गिरफ्तार कर लिया. दरअसल अनिराज किसी से मिलने के लिए स्याना आया था. तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद अनिराज ने बताया कि उम्रकैद से बचने के लिए उसने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया था. पत्नी और बच्चों के साथ उत्तराखंड के रुद्रपुर में रह रहा था. यहां पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था.

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