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कुंभ से लौट रहे स्वामी हंसदेवाचार्य का सड़क हादसे में निधन, CM योगी ने जताया शोक

इस हादसे में महात्मा महात्मा सहित घायलों को पीजीआई भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. 

कुंभ से लौट रहे स्वामी हंसदेवाचार्य का सड़क हादसे में निधन, CM योगी ने जताया शोक
23 फरवरी को हरिद्वार में स्वामी हंसदेवाचार्य अंतिम संस्कार होगा.

लखनऊ: जगतगुरु रामानंदाचार्य हंसदेवाचार्य महाराज का सड़क हादसे में निधन हो गया. जानकारी के मुताबिक, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसा हुआ. वह प्रयागराज में चल रहे कुंभ से हरिद्वार वापस लौट रहे थे. हादसा बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में हुआ. हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए. आनन-फानन में उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. वे अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष भी थे. 

बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई, जिससे ये हादसा हुआ. इस हादसे में महात्मा महात्मा सहित घायलों को पीजीआई भर्ती कराया गया. घटना शुक्रवार (22 फरवरी) की सुबह 4 बजे की बताई जा रही है. महंत जगतगुरु हंसदेवाचार्य जी की मृत्यु की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके अंतिम दर्शनों के लिए लखनऊ पीजीआई पहुंचे. 

स्वामी हंसदेवाचार्य के निधन पर पूरे संत समाज ने गहरा शोक व्यक्त किया है, वे राम मंदिर निर्माण आंदोलन से तो जुड़े थे ही साथ में वैरागियों के मुखिया भी थे. स्वामी जी के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताया है और उनकी मृत्यु को धर्म परिवार के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है. योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्वीट किया, 'जगद्गुरु रामानन्दाचार्य गुरु स्वामी हंसदेवाचार्य जी महाराज की आज सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु पर गहरा दुःख पहुंचा. स्वामी जी विभिन्न आध्यात्मिक एवं धार्मिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने वाले अत्यंत लोकप्रिय संत थे'.

 

स्वामी हंसदेवाचार्य का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से लखनऊ से हरिद्वार लाया जा रहा है. जगन्नाथ धाम के नाम से महंत जगतगुरु हंसदेवाचार्य जी का हरिद्वार में आश्रम है. हरिद्वार आश्रम में पार्थिव देह को अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा. 23 फरवरी को हरिद्वार में उनका अंतिम संस्कार होगा. आपको बता दें कि कुंभ के दौरान महंत जगतगुरु हंसदेवाचार्य जी ने विहिप की धर्म संसद में प्रमुख भूमिका निभाई थी. राम मंदिर मुद्दे पर उन्होंने सरकार का साथ देते हुए नाराज साधु संतों को एकजुट करने का काम किया.