पुलवामा हमले पर सर्वदलीय बैठक खत्‍म, कांग्रेस बोली- 'सरकार ले एक्‍शन, हम साथ हैं'

पुलवामा में हुए हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए हैं. बैठक में सभी बड़ेे नेताओं ने लिया हिस्‍सा.  

पुलवामा हमले पर सर्वदलीय बैठक खत्‍म, कांग्रेस बोली- 'सरकार ले एक्‍शन, हम साथ हैं'
पुलवामा हमले को लेकर हो रही बैठक. फोटो ANI

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले के बारे में जानकारी देने के लिए संंसद में आज सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक खत्‍म हो गई है. यह बैठक गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्‍यक्षता में हुई. इससे पहले राजनाथ सिंह के आवास पर एक उच्‍चस्‍तरीय बैठक भी की गई है. कांग्रेस ने इस बैठक के बाद कहा कि देश की सुरक्षा और एकता के लिए हम सरकार और सुरक्षा बलों के साथ खड़े हैं. पूरा देश सेना, सीआरपीएफ और स्‍थानीय पुलिस के साथ है. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम हमेशा सरकार के साथ रहेंगे. फिर चाहे वो कश्‍मीर हो या कोई अन्‍य स्‍थान. पुलवामा हमले से देश में आक्रोश है.

सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा, नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्‍दुल्‍ला, लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान, शिवसेना नेता संजय राउत, कांग्रेस नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया और गुलाम नबी आजाद भी मौजूद रहे.


बैठक में प्रमुख नेता मौजूद हैं. फोटो ANI

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सभी पार्टियों को पुलवामा में हुए हमले और सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी दी जाएगी. जम्‍मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए हैं. शहीदों के पार्थ‍िव शरीर उनके घर पहुंचाए जा रहे हैं. वहीं उनका अंतिम संस्‍कार किया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक में सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने का फैसला किया गया था. इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस घटना के बारे में सभी पार्टियों को जानकारी देने के लिए एक बैठक बुलाई गई है ताकि पूरा देश इस मुद्दे पर एक स्वर में बात कर सके.


पीएम मोदी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि.

हमले में शहीद हुए जवानों के पार्थि‍व शरीर शुक्रवार को दिल्‍ली लाए गए थे. पीएम मोदी ने पालम एयरपोर्ट पर पहुंचकर इन जवानों को श्रद्धांजलि दी थी. वायु सेना के सी-17 विमान से पार्थिव शरीर लाए गए. प्रधानमंत्री ने पुष्‍पचक्र अर्प‍ित करने के बाद सभी पा‍र्थ‍िव शरीर के आसपास पूरा एक चक्‍कर लगाया. सैन्‍य अफसरों के अलावा कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी.

शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए पीएम मोदी के अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी पालम एयरपोर्ट पहुंचे. इससे पहले उन्‍होंने बीजेपी के सभी मंत्र‍ियों और सांसदों को निर्देश दिया कि वह अपने अपने राज्‍यों में इन जवानों के अंतिम संस्‍कार के समय वहां पर मौजूद रहें.

आईडी से पहचान हुई शहीद जवानों की
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के सभी 40 जवानों की पहचान उनके आधार कार्ड, आईडी कार्ड तथा कुछ अन्य सामानों के जरिए ही हो पाई. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि भीषण विस्फोट से जवानों से शव बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो गए थे, इसलिए उनकी शिनाख्त करना मुश्किल काम था. इन शहीदों की पहचान आधार कार्ड, बल के आईडी कार्ड, पैन कार्ड अथवा उनकी जेबों या बैगों में रखे छुट्टी के आवेदनों से की जा सकी. वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कुछ शवों की शिनाख्त कलाइयों में बंधी घड़ियों अथवा उनके पर्स से हुई. ये सामान उनके सहयोगी ने पहचाने थे.

पुलवामा आतंकी हमले पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में लगातार छापेमारी जारी है. 6 लोगों को सिंबू नबल और लारू क्षेत्र से जबकि एक व्यक्ति को रामू गांव से हिरासत में लिया गया है. ये कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के जांचकर्ताओं की टीम के जम्मू-कश्मीर में पहुंचने के बाद की गई. एनआईए की टीम जम्मू-कश्मीर की पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के विशेषज्ञों की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची.

भारत ने पाकिस्तान स्थित उच्चायुक्त को दिल्ली बुलाया
भारत ने पाकिस्तान में स्थित अपने उच्चायुक्त अजय बिसारिया को पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर 'विचार-विमर्श' के लिए नई दिल्ली बुलाया है. जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को सीआरपीएफ काफिले पर हुए हमले में 45 जवान शहीद हो गए थे. पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी.

भारत ने सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीएसएस) की बैठक के बाद पाकिस्तान को दिए मोस्ट फेवर्ड नेशन(एमएफएन) दर्जे को वापस लेने की घोषणा की और पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय रूप से अलग-थलग करने के लिए काम करने पर प्रतिबद्धता जताई.