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अगर सेस लगाने से गौवंश का संरक्षण संभव है तो केंद्र कानून बना कर इसका समाधान करे :मायावती

केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए मायावती ने कहा कि इस प्रकार की गलत नीतियों व अहंकारी रवैये से देश का ना तो अब तक कुछ भला हुआ है और ना ही आगे कुछ भला होने वाला है.

बीएसपी चीफ मायावती (फाइल फोटो)
बीएसपी चीफ मायावती (फाइल फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए आबकारी और टोल पर सेस (उपकर) लगाने पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने बुधवार को कहा कि बीजेपी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की इस सोच से अगर गौवंश का संरक्षण सम्भव है तो केंद्र सरकार को इस मामले में एक राष्ट्रीय कानून बनाकर इसका समाधान कर देना चाहिए.

गोवंश संरक्षण के लिए आबकारी और टोल पर सेस (उपकर) लगाने के राज्य सरकार के फैसले पर मायावती ने बुधवार को बयान जारी कर कहा, 'बीजेपी एवं संघ की इस प्रकार की सोच से अगर गौवंश संरक्षण होता है तो केंद्र की बीजेपी सरकार को एक राष्ट्रीय कानून बनाकर इसका समाधान कर देना चाहिये.' 

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया था कि गौवंशीय पशुओं के अस्थायी आश्रय स्थलों की स्थापना एवं संचालन के लिए मंडी शुल्क से प्राप्त आय का दो फीसदी, प्रदेश के लाभकारी उद्यमों एवं निर्माणदायी संस्थाओं के लाभ का 0.5 प्रतिशत तथा यूपीडा जैसी संस्थाओं के टोल टैक्स में 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त राशि गो कल्याण उपकर (सेस) के रूप में ली जाएगी .

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मायावती ने केंद्र पर साधा निशाना
केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए मायावती ने कहा कि इस प्रकार की गलत नीतियों व अहंकारी रवैये से देश का ना तो अब तक कुछ भला हुआ है और ना ही आगे कुछ भला होने वाला है.

प्रधानमंत्री द्वारा नए साल में दिए गए पहले इंटरव्यू में कही गई बातों पर अपनी प्रतिक्रिया में मायावती ने एक बयान में कहा 'बीजेपी अभी भी यही मानकर चल रही है कि उसका बहुमत का अहंकार उचित व हर प्रकार से सही है तथा उसके द्वारा लिए गए हर फैसले पर लोग खुश हैं और तालियां बजा रहे हैं. उसे लग रहा है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में बीजेपी की सरकार चली गयी है तो क्या हुआ, वोट प्रतिशत के मामले में बीजेपी वास्तव में कांग्रेस के लगभग बराबर ही रही है.' 

उन्होंने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की इस प्रकार की हठीली व जनविरोधी सोच यह साबित करती है कि उसका अहंकार अभी भी कायम है जो लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद ही जाएगा.

(इनपुट - भाषा)

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