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PHOTOS: गुमनामी बाबा ही नेताजी थे? म्यूजियम में रखीं ये चीजें जोड़ती हैं सुभाष चंद्र बोस से...

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सुभाष चंद्र बोस को लेकर यह आम धारणा रही है कि उनका निधन अगस्‍त 1945 में हुए एक विमान हादसे में हो गया था. लेकिन इसे लेकर कोई पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आए. इस कारण सुभाष चंद्र बोस को लेकर हमेशा एक रहस्य बरकरार रहा. 

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कुछ लोगों का जहां मानना है कि उन्‍हें साइबेरिया की एक जेल में रखा गया, वहीं कुछ लोग ये भी मानते रहे हैं कि सुभाष चंद्र बोस एक हिंदू भिक्षु के रूप में भारत लौट आए थे. यहीं से शुरू होता है उनसे जुड़ा गुमनामी बाबा का किस्सा...

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अयोध्या के सिविल लाइंस के राम भवन में रहे गुमनामी बाबा उर्फ भगवान जी के लिए 3 साल पहले एक म्यूजियम बनाया गया था, जो अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय एवं आर्ट गैलरी में था. नेताजी सुभाष चंद्र बोस विचार केंद्र ने ये मांग रखी है कि इसे दोबारा खोला जाए.

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यही नहीं,नेताजी सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रीय विचार केंद्र के अध्यक्ष शक्ति सिंह ने शासन को एक पत्र भेजा है, जिसमें कंपनी गार्डन का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस गार्डन किए जाने की मांग की गई है. यह पत्र जिला अधिकारी अनुज कुमार झा की तरफ से शासन को भेजा गया है.

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शक्ति सिंह का मानना है कि गुमनामी बाबा को लोग नेताजी सुभाष चंद्र बोस मानते थे, क्योंकि वह नेताजी ही थे. ऐसे में गुमनामी बाबा का जो सामान फैजाबाद कचहरी के ट्रेजरी में रखा है, उसमें से 425 चीजों को हाई कोर्ट लखनऊ के आदेश पर अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय एवं आर्ट गैलरी में दो गैलरियां बना कर रखा गया.

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बता दें, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भतीजी ललिता बोस के साथ शक्ति सिंह ने हाई कोर्ट लखनऊ में एक याचिका दाखिल की थी, जिसमें मांग की गई थी कि गुमनामी बाबा कौन हैं, उनकी पहचान की जाए. 

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में गुमनामी बाबा गैलरी के नाम से दो म्यूजियम बनाए, जिसमें 425 चीजों को संरक्षित किया गया है. लेकिन 3 साल से यह म्यूजियम जनता के लिए खोला नहीं जा सका. 

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गौरतलब है कि सीएम योगी 7 फरवरी को अयोध्या दौरे पर रहेंगे, जहां वह राम जन्मभूमि परिसर में रामलला के मंदिर की निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगे. वहीं, अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय एवं आर्ट गैलरी में बने ऑडिटोरियम में अधिकारियों के साथ अयोध्या के विकास कार्यों की समीक्षा भी करेंगे. 

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इसी ऑडिटोरियम में दूसरी मंजिल पर गुमनामी बाबा गैलरी म्यूजियम बना हुआ है, जिसे खोले जाने की मांग की जा रही है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि सीएम योगी आदित्यनाथ बैठक के बाद गुमनामी बाबा की बनी गैलरी को भी देख सकते हैं.

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