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 Vaman Dwadashi Upay: भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की बारहवीं तिथि को वामन द्वादशी कहते हैं. वामन जयंती या वामन द्वादशी व्रत हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण है.  इस दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) ने वामन अवतार (Vaman Avatar) के रूप में जन्म लिया था. ऐसी मान्यता है कि वामन जयंती को भगवान विष्णु के वामन रूप की पूजा से समस्त बुरे कर्मों से छुटकारा मिल सकता है.  वामन द्वादशी, जिसे अन्य नामों से भी जाना जाता है. इस दिन भक्त भगवान वामन की पूजा करते हैं और विष्णु सहस्रनामा नामावली का पाठ करते हैं.  आइए जानते हैं कब मनाई जाएगी वामन जयंती, वामन जयंती की महत्व और उपाय.


Vaman Dwadashi 2023: कब है वामन द्वादशी? जानें तिथि-पूजा विधि और खास भोग


दही और मिश्री का भोग
इस दिन वामन देव को दही और मिश्री का भोग लगाना चाहिए. भगवान विष्णु को पीला रंग विशेष रूप से प्रिय है इसलिए दही मिश्री में थोड़ी से केसर मिला देना चाहिए.


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                                                                                    वामन द्वादशी उपाय


भोग के लिए लड्डू
वामन द्वादशी के दिन भगवान वामन की पूजा के समय भोग के लिए 52 पेड़े या लड्डू रखें. इससे भगवान वामन प्रसन्न होंगे.  इससे मन को शांति मिलती है.


कांसे के बर्तन में दीपक जलाएं
वामन द्वादशी  के दिन भगवान वामन की कृपा पाने के लिए इस दिन कांसे के बर्तन में घी का दीया जलाएं.  ऐसा करने से गृह क्लेश से मुक्ति मिलती है.


उन्नति के लिए उपाय
वामन द्वादशी के दिन कारोबार में उन्नति और नौकरी में प्रमोशन के लिए भगवान वामन को नारियल पर यज्ञोपवीत लपेटकर चढ़ाएं.


दही का दान
आर्थिक उन्नति के लिए वामन द्वादशी के दिन पूजा करने के बाद दही का दान दें. ऐसा करना शुभ माना जाता है, इससे आर्थिक उन्नति होती है.


वामन का अभिषेक 
वामन द्वादशी पूजा के दिन भगवान वामन की मूर्ति पर दक्षिणावर्ती शंख में दूध डालकर भगवान वामन का अभिषेक करें. अगर आप इस दिन ऐसा करेंगे तो आपको भगवान का मनोवांछित फल मिलता है. 


स्वस्थ और निरोगी काया
स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए वामन द्वादशी के दिन भगवान को शहद चढ़ाकर उसका नित्य सेवन करना चाहिए. इसके अलावा शारीरिक कष्टों से भी मुक्ति मिलती है.


पयोव्रत अनुष्ठान
अगर आपको बेटे की चाह है तो इस दिन पुत्र प्राप्ति के लिए इस दिन पयोव्रत अनुष्ठान कर सकते हैं.


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वामन द्वादशी महत्व
वामन द्वादशी के दिन श्री विष्णु जी पूजा होती है. श्री हरि की पूजा करने से व्यक्ति के अंदर से अंहकार की भावना खत्म हो जाती है. ये भी माना जाता ही कि वामन द्वादशी  के दिन भगवान वामन रूप की पूजा करने से बुरे कर्मों से छुटकारा भी मिल जाता है. ये व्रत करने से सभी पापाों से मुक्ति भी मिलती है.


Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है. सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक पहुंचाई गई हैं. हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है. इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी. ZEE UPUK इसकी जिम्मेदारी नहीं लेगा. 


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