अयोध्या: सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि और रामनगरी की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) को सौंपने का फैसला किया है. हाल ही में राज्य सरकार ने एसएसएफ के गठन को मंजूरी दी है. अब इसके जवानों की ट्रेनिंग शूरू होगी. राम मंदिर तैयार होने तक एसएसएफ के कई बैच ट्रेंड हो चुके होंगे. एसएसएफ विशेष अधिकारों, आधुनिक तकनीक, संसाधन और हथियार से सज्जित होगी. इसे महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा में विशेषज्ञता हासिल होगी. एसएसएफ में विभिन्न सुरक्षा बलों के चुन‍ि‍ंंदा जवानों के साथ कम उम्र में सेवानिवृत्त लेने वाले सैनिकों को भी शामिल किया जाएगा.


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स्पेशल फोर्स पर होगा सालाना 1747 करोड़ का खर्चा
इस बात की चर्चा है कि योगी सरकार अयोध्या के साथ-साथ काशी और मथुरा जैसे तीर्थ स्थलों में सुरक्षा व्यवस्था संभालने का जिम्मा भी एसएसएफ को दे सकती है. यूपी एसएसएफ की 5 बटालियन गठित होंगी, जिसमें 9,919 जवान शामिल किए जाएंगे. एसएसएफ की चेकिंग बटालियन भी होगी. कुछ समय बाद एसएसएफ में जवानों की संख्या बढ़ाने के लिए भर्तियां भी निकलेंगी. एक साल में यूपी एसएसएफ पर 1747 करोड़ का खर्च आएगा.


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यूपी SSF को दिया गया है CISF की तरह का पावर 
सीआईएसएफ की तर्ज पर यूपी एसएसएफ को भी किसी संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी लेने, उसे बिना वारंट गिरफ्तार करने, हिरासत में लेकर पूछताछ करने के अधिकार​ दिए गए हैं. इतना ही नहीं आने वाले वक्त में यूपी एसएसएफ को थाने का पॉवर दिया जाएगा जिससे वो कानूनी प्रक्रिया का भी पालन कर सके. आपको बता दें कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ के जिम्मे देश के मेट्रो, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, महत्वपूर्ण स्मारकों-इमारतों, प्रतिष्ठानों के सुरक्षा की जिम्मेदारी है. सीआईएसएफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है. उत्तर प्रदेश में नव गठित स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स यानी यूपी एसएसएफ भी राज्य के अंदर यही जिम्मेदारी निभाएगी. एसएसएफ राज्य सरकार के अधीन होगी.


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