Indian Ocean Dispute: चीन (China) अक्सर हिंद महासागर (Indian Ocean) में दादगिरी दिखाता रहता है. इसको लेकर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने कनाडा (Canada) की विदेश मंत्री मिलानी जॉली (Milani Joly) से फोन पर चर्चा की है. दोनों ने चीन की बढ़ती मिलिट्री ताकत के मद्देनजर हिंद-प्रशांत महासागर के क्षेत्र में भारत-कनाडा के बीच कॉपरेशन के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की. बता दें कि कनाडा ने दो हफ्ते पहले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक कंप्रिहेंसिव स्ट्रेटेजी बनाई थी, जिसका उद्देश्य इलाके में चीन के आक्रामक रवैये से उत्पन्न हुई चुनौतियों को देखते हुए सुरक्षा और शांति को बढ़ावा देना है. इसी के बाद एस. जयशंकर और मिलानी जॉली के बीच फोन पर बातचीत हुई है.


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भारत-कनाडा के बीच हुई क्या बात?


कनाडा की विदेश मंत्री से बातचीत के बाद एस. जयशंकर ने ट्वीट किया कि कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जॉली से बात करना अच्छा अनुभव था. हमारे द्विपक्षीय कॉपरेशन को बढ़ाने और नागरिकों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने को लेकर चर्चा की. इसके साथ ही इंडो-पैसिफिक और कैसे कनाडा की नई स्ट्रैटेजी हमारे संबंधों में योगदान दे सकती है, इस पर चर्चा हुई.



क्या है कनाडा की इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी?


गौरतलब है कि कनाडा की इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी में भारत को इलाके में अहम बताया गया है. इसके अलावा कहा गया है कि कनाडा व्यापार और इन्वेस्टमेंट के माध्यम से भारत के साथ इकोनॉमिक कॉपरेशन बढ़ाने पर फोकस करेगा.


कनाडा की विदेश मंत्री ने कही ये बात


वहीं, जॉली ने ट्वीट किया कि हमने अपनी नई इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी पर चर्चा की. भारत इस साल जी20 की अध्यक्षता कर रहा है, इसके मद्देनजर हमारे लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने और हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की हमारी महत्वाकांक्षा पर चर्चा हुई. 


जान लें कि कनाडा की इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी में चीन के बढ़ते आक्रामक रवैये पर भी चिंता जताई गई है. उसमें कहा गया है कि चीन ने बढ़ोतरी और समृद्धि के लिए रूल्स पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से लाभ उठाया पर अब वह और फायदे के लिए इन नियमों की दोबारा व्याख्या कर रहा है.


(इनपुट- भाषा)


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