S Jaishankar Itlay visit: भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इटली में राष्ट्रपति सर्जियो मैतरेला और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. इस दौरान वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा हुआ. जयशंकर ने डिफेंस, साइबर सिक्योरिटी और काउंटर टेररिज्म जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की. इटली के अपने समकक्ष एंतोनियो ताजानी के निमंत्रण पर रोम पहुंचे जयशंकर ने शुक्रवार को पुर्तगाल और इटली की अपनी चार दिवसीय यात्रा संपन्न की. नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि बैठक के दौरान इटली के राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और भारत-इटली तथा भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को गहरा बनाने के लिए अपने मजबूत समर्थन को दोहराया.


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भारत-इटली का संबंध स्थिरता का कारक


जयशंकर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘हमारी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उनके (मैतरेला) मागदर्शन को अहमियत देता हूं. एक अस्थिर और अनिश्चित दुनिया में भारत-इटली का संबंध स्थिरता का कारक है.’ विदेश मंत्री ने इटली के डिफेंस मिनिस्टर गुइदो क्रोसेतो के साथ मुलाकात में रक्षा विनिर्माण और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और समुद्री क्षेत्रों में औद्योगिक सहयोग के साथ कूटनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर बातचीत की.’


प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जयशंकर की इटली यात्रा ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से कायम ऐतिहासिक संबंधों को और प्रगाढ़ किया है और समकालीन वैश्विक मुद्दों तथा चुनौतियों समेत रणनीति साझेदारी के विविध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढाया है.


आर्थिक साझेदारी का दायरा बढ़ेगा


उन्होंने इटली के उद्यम मंत्री एडॉल्फो उर्सो से भी मुलाकात की और कृषि-प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, डिजिटल बुनियादी ढांचे, नवोन्मेष और अंतरिक्ष के क्षेत्रों पर जोर देते हुए द्विपक्षीय व्यापार तथा निवेश बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की. विदेश मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘उद्यम मंत्री एडॉल्फो उर्सो के साथ आज सुबह सार्थक बातचीत हुई. ‘मेड इन इटली’ और ‘मेड इन इंडिया’ के अनुभवों को साझा किया. मुझे विश्वास है कि आज हमारी बातचीत से आर्थिक साझेदारी का दायरा बढ़ेगा.’


विदेश मंत्री जयशंकर ने इटली में अपने समकक्ष ताजानी के साथ एक व्यापक व सार्थक बैठक की जिसके बाद दोनों देशों ने श्रमिकों, छात्रों तथा पेशेवरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आवाजाही व प्रवासन साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए. उन्होंने सीनेट के विदेश मामलों और रक्षा आयोग के संयुक्त सत्र को भी संबोधित किया जिसमें दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति, यूक्रेन संघर्ष और हिंद-प्रशांत परिदृश्य पर विस्तारपूर्वक बात की. जयशंकर ने भारत की सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहलों के लिए इटली के समर्थन की भी सराहना की. उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘हमारी पहलों और जी20 अध्यक्षता के लिए इटली के समर्थन की प्रशंसा करता हूं.’


(एजेंसी इनपुट के साथ)