• कोरोना वायरस पर नवीनतम जानकारी: भारत में संक्रमण के सक्रिय मामले- 2,69,789 और अबतक कुल केस- 7,67,296: स्त्रोत PIB
  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 4,76,378 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 21,129 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 61.53% से बेहतर होकर 62.08% पहुंची; पिछले 24 घंटे में 19,547 मरीज ठीक हुए
  • कोविड-19 की राष्ट्रीय रिकवरी दर 62.08% पर पहुंची; सक्रिय मामलों की तुलना में ठीक होने वाले लगभग 2 लाख ज्यादा
  • देश में प्रयोगशालाओं की कुल संख्या 1,119 हुई. पिछले 24 घंटे में 2.6 लाख से ज्यादा नमूनों की जांच की गई
  • भारतीय नौसेना का ऑपरेशन समुद्र सेतु पूरा हुआ, इसके तहत 3,992 भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक स्वदेश लाया गया
  • 30 जून तक 62,870 करोड़ रुपये की क्रेडिट सीमा के साथ 70.32 लाख किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए गए हैं
  • उत्तर प्रदेश में वर्ष 2020-21 में 1.02 करोड़ घरों में नल कनेक्शन देने की योजना है
  • आपकी सुरक्षा आपके हाथों में है, बिना मास्क/फेस कवर पहने घर से बाहर न निकलें
  • कोविड-19 से संबंधित मदद, सलाह और उपायों के लिए 24x7 टोल-फ्री राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1075 पर कॉल करें

जानिए, किस वजह से हुई थी गोरखपुर में सैकड़ों चमगादड़ों की मौत

गोरखपुर में 300 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत की वजह भीषण गर्मी रही.  आईवीआरआई के वैज्ञानिकों ने चमगादड़ों के तीन शव का बुधवार को पोस्टमार्टम करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला. 

जानिए, किस वजह से हुई थी गोरखपुर में सैकड़ों चमगादड़ों की मौत

गोरखपुरः दो दिन पहले यूपी के गोरखपुर में एक गांव में बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत हो गई थी. इसे लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल था और अफसरों के बीच हड़कंप मच गया था. अब सामने आया है कि गोरखपुर में 300 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत की वजह भीषण गर्मी रही.  आईवीआरआई के वैज्ञानिकों ने चमगादड़ों के तीन शव का बुधवार को पोस्टमार्टम करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला. गोरखपुर के खजनी रेंज के बेलघाट स्थित एक बाग में तीन सौ से अधिक चमगादड़ मृत पाए गए थे. 

गर्मी से हुई मौत
इसके बाद गोरखपुर से बुधवार को टीम तीन चमगादड़ों के शव लेकर आईवीआरआई पहुंची थी. यहां शाम को पोस्टमार्टम किया गया, लेकिन तब वजह स्पष्ट नहीं हो पाई. गुरुवार को वैज्ञानिकों ने कुछ और जांचें कीं, तब मौत की वजह साफ हुई. आईवीआरआई के डायरेक्टर डॉ. आरके सिंह ने बताया कि जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे साफ हो रहा है कि चमगादड़ों की मौत गर्मी से हुई है. 

रैबीज, कोविड की जांच आई निगेटिव
दरअसल, मौत के जो लक्षण सामने आए हैं, उनमें दो वजह दिख रही हैं. एक तो भीषण गर्मी का होना, दूसरे करंट लगना. जहां चमगादड़ों की मौत हुई है, वहां बिजली की लाइनें ही नहीं हैं. लिहाजा यह साफ है कि चमगादड़ों की मौत गर्मी से ही हुई है. 

आईवीआरआई डायरेक्टर ने बताया कि इस दौरान रैबीज और कोरोना की भी जांच की गई. दोनों ही जांचे निगेटिव आईं हैं. यानी चमगादड़ों की कोरोना या रैबीज से मौत होने का जो संदेह जताया जा रहा था, वह निर्मूल साबित हुआ है. इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है.

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यह था मामला
बेलघाट स्थित ध्रुव नारायण शाही के बाग में मंगलवार सुबह बड़े पैमाने पर चमगादड़ मृत देखे गए. थोड़ी देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई. कोरोना संक्रमण को लेकर ग्रामीणों चमगादड़ से दहशत भी है. सुबह करीब 11 बजे सूचना मिलने के बाद खजनी रेंजर देवेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंच गए थे. 

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