Indian Army Electric Bike: इस प्रोजेक्ट के तहत इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल और स्कूटर खरीदे जाएंगे. जो खासतौर पर सेना के इस्तेमाल के लिए डिजाइन होंगे. इनमें एक अलग टेंडर “बैटरी ऑपरेटेड टू-व्हीलर मैसेंजर” के लिए भी है. जिससे सैनिक बिना रेडियो इस्तेमाल किए चुपचाप मैसेज पहुंचा सकेंगे.
भारत सरकार DRAL जॉइंट वेंचर में बदलाव की तैयारी कर रही है, जिसमें रिलायंस की हिस्सेदारी हटाकर नए निजी पार्टनर को शामिल किया जा सकता है. यह कदम भारत में 96 राफेल जेट निर्माण, तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने और देश को क्षेत्रीय MRO हब बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
India Hypersonic power: भारत ने बंगाल की खाड़ी में 1550 किमी के नो-फ्लाई जोन के साथ मिसाइल परीक्षण का NOTAM जारी किया है. 12-14 अप्रैल के बीच DRDO का हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल या अग्नि सीरीज टेस्ट हो सकता है, जो देश की लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता और तकनीकी ताकत को और मजबूत करेगा.
Defence news: भारतीय वायुसेना ADITI पहल के तहत छोटे पारंपरिक बमों को स्मार्ट, लंबी दूरी के हथियारों में बदलने पर काम कर रही है. नए किट में प्रोपल्शन और EO/IR गाइडेंस होगा, जिससे 200 किमी दूर से सटीक हमला संभव होगा. यह पहल आत्मनिर्भरता और आधुनिक युद्ध क्षमता को मजबूत करेगी.
Indian Army Robot: भारतीय सेना AI आधारित ह्यूमनॉइड रोबोट विकसित कर रही है, जो खतरनाक मिशनों में सैनिकों की जगह काम करेगा. इससे जोखिम कम होगा और युद्ध क्षमता बढ़ेगी. दुनिया के कई देश रोबोटिक सैनिक की तरफ रुख कर रहे हैं. अब इस दिशा में भारत भी काम शुरू करने जा रहा है.
Tejas-MKI Back in Action: तेजस- MKI फाइटर जेट दो महीने बाद फिर उड़ान के लिए तैयार है. फरवरी हादसे के बाद पूरी फ्लीट ग्राउंडेड कर दी गई थी. HAL ने समस्या सुलझाने का दावा किया है. जिसके बाद अब 8 अप्रैल से तेजस फाइटर जेट फिर से उड़ान भरेंगे.
Rafale deal: भारत-फ्रांस राफेल डील सॉफ्टवेयर एक्सेस विवाद में फंस गई है. फ्रांस सोर्स कोड देने से इनकार कर रहा है, जबकि रूस Su-57 ऑफर कर रहा है. भारत अब दोनों विकल्पों पर विचार कर रहा है.
IAF Hydrogen Airship: यह एयरशिप करीब 30000 फीट की ऊंचाई पर उड़ सकेगी. लगभग 5000 किलोग्राम तक का वजन उठा पाएगी. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी उड़ान क्षमता होगी. यह लगातार 10 दिन तक हवा में रह सकेगी. यानी एक बार उड़ने के बाद यह कई दिनों तक बिना रुके निगरानी कर सकेगी.
BSF Crocodile Border Plan: यह प्रस्ताव 9 फरवरी को दिल्ली स्थित BSF मुख्यालय में हुई एक बैठक में सामने आया था. इसके बाद करीब 4096 किमी लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात फील्ड यूनिट्स से इस आइडिया पर राय मांगी गई. गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस सीमा का करीब 856 किलोमीटर हिस्सा अब भी बिना फेंसिंग के है.
ITBP: ITBP मई-जून में पहली बार ऑल-वुमन टीम के साथ माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करेगी. 17 सदस्यीय टीम में 14 महिलाएं शामिल हैं. यह मिशन महिलाओं के सशक्तिकरण और हाई-एल्टीट्यूड क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है.
Aridhaman Nuclear Submarine: भारत ने INS अरिधमान परमाणु पनडुब्बी और INS तारागिरी स्टील्थ फ्रिगेट को एक साथ शामिल किया, जिससे उसकी समुद्री ताकत बढ़ी. यह कदम चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच भारत की सुरक्षा, परमाणु प्रतिरोधक क्षमता और इंडो-पैसिफिक रणनीति को मजबूत करता है.
Ilyushin Il-114-300 Flight Test: Il-114-300 को खास तौर पर पुराने विदेशी सिस्टम पर निर्भरता कम करने के लिए विकसित किया गया है. इसे पूरी तरह इंपोर्ट-सब्स्टीट्यूट विमान के रूप में तैयार किया गया है. यानी इसमें ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.
AMCA Fighter jet: भारत AMCA Mk-2 फाइटर जेट पर काम कर रहा है, जिसमें AI पायलट, स्टील्थ तकनीक और ड्रोन स्वार्म क्षमता होगी. यह 5.5 जनरेशन का विमान 2040 तक वायुसेना की ताकत बनेगा और भविष्य के नेटवर्क आधारित युद्ध के लिए तैयार किया जा रहा है.
IAF Airbus A321 Netra Program: इस सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत इसका नया AESA रडार होगा. जो Uttam रडार तकनीक पर आधारित है. विमान के ऊपर लगा बैलेंस बीम रडार पहले से बड़ा होगा. इसमें लगभग दोगुने Transmit/Receive मॉड्यूल (TRM) होंगे. इससे रडार की रेंज, सटीकता और छोटे या छुपे हुए टारगेट पकड़ने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी.
Medium Transport Aircraft: इस रेस मेंअमेरिका का C-130J सुपर हरक्यूलिस, ब्राजील का C-390 मिलेनियम और यूरोप का A400M एटलस विमान शामिल हैं. हालांकि अब मुकाबला मुख्य रूप से C-130J और C-390 के बीच सिमटता दिख रहा है. जबकि A400M अपनी कीमत के कारण पीछे होता नजर आ रहा है.
India Hypersonic Strike System: भारत पूरा एक हाइपरसोनिक स्ट्राइक सिस्टम तैयार कर रहा है. इसमें अलग-अलग तरह की आधुनिक हथियार शामिल हैं. इसमें ध्वनि (Dhvani) हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल, लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल (LR-AShM) और ET-LDHCM हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल शामिल है.
Indian Navy MANTA Drone: नौसेना निगरानी और टारगेटिंग के लिए विमान, हेलीकॉप्टर, जहाज और सबमरीन का इस्तेमाल करती है. ये सिस्टम दुश्मन की एयर डिफेंस के सामने जल्दी पकड़ में आ सकते हैं. लंबे समय तक एक जगह टिककर काम नहीं कर पाते. ऐसे में MANTA ड्रोन इस कमी को पूरा करेगा.
S4 Star Submarine India: भारत का Arihant-class submarine प्रोग्राम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है. साल 2016 में शामिल हुई INS Arihant में करीब 70% स्वदेशी हिस्सेदारी थी. इसके बाद INS Arighaat में यह बढ़कर करीब 75% हुई. अब Aridhaman में यह लगभग 85% तक पहुंच गई है.
Brahmos-II: भारत 800 किमी रेंज वाली ब्रह्मोस-II मिसाइल तेजी से विकसित कर रहा है, जो 2027-28 तक नौसेना में शामिल हो सकती है. इसकी तेज गति और सटीकता से पाकिस्तान के समुद्री ठिकाने अब सुरक्षित नहीं रहेंगे. यह भारत को दूर से सटीक हमला करने की बड़ी रणनीतिक बढ़त देगा.
Indigenous Aerial Bomb Project: इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में कंपनियां बम के प्रोटोटाइप तैयार करेंगी. जिसमें लाइव और डमी दोनों तरह के मॉडल शामिल होंगे. इसके साथ टेल यूनिट और अन्य जरूरी उपकरण भी विकसित किए जाएंगे. दूसरे चरण में सफल कंपनियों के बीच से चयन कर खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
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