नई दिल्ली: इन दिनों घरों में कुत्ते, बिल्ली और खरगोश जैसे पालतू जानवरों का चलन काफी तेजी से बढ़ा है, खासतौर पर शहरों में आप ये काफी देख सकते हैं. गावों में तो आज भी ज्यादातर पालतू जानवरों के रूप में गाय, भैंस और बकरी जैसे जानवरों को पाला जाता है. इन्हें तो खैर पालने के लिए अलग से घर के बाहर जगह बनाई जाती है, लेकिन कुत्ते-बिल्ली जैसे पेट आपके कमरे, बेड और सोफा समेत घर के किसी भी हिस्से में आराम कर सकते हैं. इनके साथ न कोई दूरी बनाई जाती है और न ही इन्हें घर के बाहर रखा जाता है.  


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डायसन ग्लोबल डस्ट ने की रिसर्च 
बता दें कि घर से बाहर पाले जाने वाले जानवरों से किसी भी तरह के इंफेक्शन फैलना का खतरा बेहद कम होता है वहीं घर के अंदर ही रहने वाले जानवरों से ये खतरा बढ़ जाता है. इसी पर हाल ही में डायसन ग्लोबल डस्ट ने एक रिसर्च की है. पालतू जानवरों पर की गई इस रिसर्च से पता चला है कि इनमें मौजूद बैक्टीरिया इंसानों पर फैलकर उन्हें भी फैला सकते हैं. 


क्या कहती है रिसर्च? 
रिसर्च का मानना है कि वैसे तो पालतू जानवर रखने वाले भरातीय लोग अपने पेट्स की साफ-सफाई, उनकी बीमारियां और उनमें पाए जाने वाले कीड़े और वायरस को लेकर काफी जागरूक होते हैं, लेकिन इसको लेकर घर की साफ-सफाई को सिर्फ 4 में से 1 ही भारतीय प्राथमिकता देता है, जिसके चलते उनके पेट्स के बीमार होने पर यह बीमारी उन तक भी पहुंच जाती है.   


पुशओं से फैलती है बीमारी 
MDPI ओपन एक्सेस में छपी एक रिसर्च के मुताबिक बैसिलस एंथ्रेसीस नाम का एक जीवाणु पशुओं में घातक बीमारियां फैलाता है. यह जीवाणु एंथ्रेक्स नाम की एक बीमारी का कारण बनता है. इस बीमारी से संक्रमित जानवर जिस भी व्यक्ति के संपर्क में आता है उसमें भी ये बीमारी फैलने का खतरा रहता है. इससे पालतू जानवरों के आस-पास रहने वाले बच्चे और कई लोगों में एलर्जी भी हो सकती है.  


जानवरों को चूमने से बढ़ता है खतरा 
रिसर्च के अनुसार पालतू जानवरों को चूमने से आपको जूनोटिक संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. जापान में एक महिला के नियमित अपने कुत्ते के चेहरे को चूमने से उसे पास्चुरेला मल्टीकोडा संक्रमण फैला, जिसके कारण उसे मेनिनजाइटिस नाम की बीमारी हो गई थी.         


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