नई दिल्लीः चुनाव में 'इंडिया आउट' का नारा देने वाले मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू की आज पहली अग्निपरीक्षा है. आज यानी 21 अप्रैल को मालदीव में संसदीय चुनाव के लिए मतदान होना है. हालांकि मोइज्जू के आलोचक और विपक्षी दल उनकी हार की भविष्यवाणी कर रहे हैं. भारत के खिलाफ अभियान और भ्रष्टाचार के चलते उनके प्रति देश में नाराजगी है. 


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संसदीय चुनाव में आठ राजनीतिक दल मैदान में हैं. इन दलों ने 93 निर्वाचन क्षेत्रों से 368 उम्मीदवारों को उतारा है. देश के लगभग 2.8 लाख वोटर 602 मतदान केंद्रों में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. वहीं विदेश में भी तीन मतदान केंद्र बनाए गए हैं जो कोलंबोज, त्रिवेंद्रम और क्वालालंपुर में हैं.


संसद में बहुमत हासिल करना चाहते हैं मोइज्जू


बता दें कि मोहम्मद मोइज्जू के पीपीएम-पीएनसी गठबंधन ने चुनाव में 'इंडिया आउट' का नारा दिया था. उन्होंने सितंबर 2023 में राष्ट्रपति चुनाव जीता था. अब मोइज्जू के सामने एक बड़ी चुनौती है. दरअसल पिछली संसद में विपक्ष की मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 44 सांसदों के साथ संसद में बहुमत था. वहीं संसद में बहुमत नहीं होने की वजह से मोइज्जू को कानून बनाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं मालदीव के लोगों के सामने इस चुनाव में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, खराब अर्थव्यवस्था और अहम बुनियादी ढांचे के विकासे के मुद्दे हैं. 


भारत को उम्मीद है कि एमडीपी को मिले बहुमत


अगर भारत के नजरिए से देखें तो नई दिल्ली को उम्मीद है कि मुख्य विपक्षी पार्टी एमडीपी (मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी) बहुमत हासिल करे. एमडीपी का रुख भारत समर्थक रहा है. उसे संसद में बहुमत मिलने पर वह कार्यकारी शक्ति की प्रभावी रूप से निगरानी कर सकेगी क्योंकि मालदीव में संसद के सभी फैसलों और सरकार के विधेयकों को संसदीय बहुमत से पास कराना जरूरी है.


वहीं चुनाव से पहले मोइज्जू पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. इसे लेकर विपक्ष उन पर हमले कर रहा है और जांच की मांग कर रहा है. रिपोर्ट्स में का जा रहा है कि विपक्ष उनके खिलाफ महाभियोग लाने की भी तैयारी में है.


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