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Yemen News: अमेरिकी सेना ने आज यानी 13 जनवरी की सुबह यमन में हूती विद्रोहियों के कंट्रोल वाले एक और स्थान पर हमला किया. अमेरिका के दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी. यमन की राजधानी सना में ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के पत्रकारों ने तेज धमाके की आवाज सुनी.
एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले 12 जनवरी को अमेरिका और ब्रिटेन ने हूती विद्रोहियों के इस्तेमाल वाले स्थानों को निशाना बनाया था. इनमें 28 स्थानों में 60 ठिकानों पर हमला किया गया. अमेरिका ने कहा था कि एक रडार स्थल अब भी समुद्री यातायात के लिए खतरा बना हुआ है. अधिकारियों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर यह जानकारी दी है.
अमेरिका ने दी चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने 12 जनवरी को चेतावनी दी थी कि हूती विद्रोहियों को और हमलों का सामना करना पड़ सकता है. यह हमला तब किया गया है, जब अमेरिका और ब्रिटेन के जरिए हूती विद्रोहियों पर हवाई हमले करने के बाद अमेरिकी नौसेना ने अमेरिका के ध्वज वाले जहाजों को अगले 72 घंटे तक लाल सागर और अदन की खाड़ी में यमन के आसपास के इलाकों से दूर रहने की शुक्रवार को चेतावनी दी.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
यह चेतावनी तब दी गयी है जब यमन के हूती विद्रोहियों ने अमेरिका नीत हमलों का बदला लेने का आह्वान किया है, जिससे गाजा में इसराइल के जंग के अलावा एक और वृहद हिंसा शुरू होने का खतरा बढ़ गया है. अमेरिकी सेना और व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें लगता है कि हूती पलटवार करेंगे. हूती विद्रोहियों ने कहा कि अमेरिका के अगुआई में किए गए हवाई हमलों में कम से कम 5 लोग मारे गए और छह दूसरे घायल हो गए. यह पूछने पर कि क्या उन्हें लगता है कि हूती आतंकी संगठन है, इस पर बाइडन ने पेन्सिलवेनिया में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वे आतंकवादी हैं.’’
हूती के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या अमेरिका को दी चेतावनी
हूती के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने पहले से रिकॉर्ड बयान में कहा कि अमेरिकी हवाई हमलों का जवाब दिया जाएगा. अमेरिका के पूर्व खुफिया अधिकारी एलिसा स्लॉटकिन ने अमेरिकी हमलों का स्वागत किया लेकिन चिंता व्यक्त की कि ईरान का लक्ष्य अमेरिका को गहरे संघर्ष में घसीटना है. बाइडन ने पत्रकारों से कहा कि ईरान को एक स्पष्ट संदेश मिला है. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहले ही ईरान को संदेश दे दिया है. वे जानते हैं कि कुछ नहीं करना है.’’
अमेरिका ने इन कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध
इस बीच, अमेरिका के वित्त विभाग ने 12 जनवरी को ऐलान किया कि उसने हूती विद्रोहियों की वित्तीय मदद करने वाले ईरान में मौजूद सैद अल-जमाल की तरफ से कथित तौर पर ईरानी सामान लाने- ले जाने के लिए हांगकांग और संयुक्त अरब अमीरात में दो कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. इन कंपनियों के चार जहाजों पर भी बैन लगाया गया है. वहीं, ईरान ने ओमान की खाड़ी में तेल के एक टैंकर को जब्त करने का फुटेज जारी किया है जो एक समय में तेहरान और वाशिंगटन के बीच विवाद का केंद्र था.