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Maharashtra News: लेबनान के बेरूत में इसराइली हमलों में हिज्बुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला की मौत के बाद मुंबई के गोवंडी इलाके में मोमबत्ती जुलूस निकालकर विरोध जताया था. अब पुलिस ने बिना इजाजत जुलूस निकालने के लिए करीब 30 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है. एक अफसर ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.
अफसर ने बताया कि मंगलवार शाम को इमामबाड़ा और बैंगनवाड़ी इलाके के बीच जुलूस निकाला गया था, जो डिप्टी पुलिस कमिश्नर (ऑपरेशन) द्वारा 12 सितंबर को जारी किए गए आदेश का उल्लंघन है. उन्होंने बताया कि 36 साल के पुलिसकर्मी को व्हाट्सएप पर प्रदर्शन का एक वीडियो मिला, जिसमें कुछ लोग फलस्तीन के सपोर्ट और इसराइल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिखाई दे रहे थे. अफसर ने बताया कि ‘कैंडल मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथ में हिदज्बुल्लाह नेता हसन नसरल्ला के पोस्टर लिए हुए थे.
महाराष्ट्र पुलिस 30 लोगों के खिलाफ मामल किया दर्ज
इसके बाद पुलिस ने इस मामले में शिवाजी नगर थाने में बुधवार शाम को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सात लोगों की पहचान की और 20 से नाालूम शख्स के खिलाफ ‘एक लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा’ और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया.
नसरल्लाह की कब हुई थी मौत
उल्लेखनीय है कि लेबनान की राजधानी बेरूत के रिहाईशी इलाके में मौजूद हिज्बुल्लाह के हेडक्वार्टर पर इसराली सैनिकों ने 28 सितंबर को हवाई हमला किया था. इसराइल के इस हमले में हिज्बुल्ला चीफ हसन नसरल्ला और उसकी बेटी जैनब नसरल्लाह की मौत हो गई थी. IDF के इस हमले के बाद ईरान ने लेबानानी समूह के नेता की मौत के बाद इसराइल से बदला लेने के लिए करीब 200 मिसाइलें तेल-अवीव पर दागीं थीं.