'आते ही जो तुम मेरे गले लग गए वल्लाह', नजीर अकबराबादी के शेर

Nazeer Akbarabadi Poetry: नजीर अकबराबादी ने लगभग दो लाख रचनायें लिखीं. लेकिन उनकी छह हज़ार के करीब रचनायें मिलती हैं. इन में से 600 के करीब ग़ज़लें हैं. नजीर ने अपनी जिंदगी आगरा में बिताई. उस वक्त इसे अकबराबाद के नाम से जाना जाता है.

'आते ही जो तुम मेरे गले लग गए वल्लाह', नजीर अकबराबादी के शेर
Source: ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

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Siraj Mahi

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सिराज माही युवा पत्रकार हैं. देश, दुनिया और मनोरंजन की खबरों पर इनकी अच्छी पकड़ है. ज़ी मीडिया से पहले वह 'ईटीवी भारत' और 'दि संडे पोस्ट' जैसे मीडिया हाउस में काम कर चुके हैं. लिखने-पढ़ने के अलावा इन्हें घूमना और खाना बनाना पसंद है.

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