Gender Change: गायत्री बनी महेश..फिर शालिनी से की शादी, डॉक्टरों ने ऐसे किया यह चमत्कार
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Gender Change: गायत्री बनी महेश..फिर शालिनी से की शादी, डॉक्टरों ने ऐसे किया यह चमत्कार

Ganga Ram Hospital: यह एक सफल सर्जरी थी जिसमें कम से कम खून की कमी के साथ लगभग सिर्फ आठ घंटे लगे. सर्जरी के छह हफ्ते बाद ही वह अब पूरी तरह से पुरुष है. पांच इंच का प्राइवेट पार्ट सफलतापूर्वक अपनी जगह पर काम कर रहा है. गायत्री अब महेश बन चुकी है.

Gender Change: गायत्री बनी महेश..फिर शालिनी से की शादी, डॉक्टरों ने ऐसे किया यह चमत्कार

Gender Change Surgery: मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि कई बार डॉक्टर चौंकाने वाला चमत्कार कर देते हैं. इसका एक और नायाब उदाहरण गंगा राम अस्पताल से सामने आया है. जहां एक लड़की ने लड़का बनकर दूसरी लड़की से शादी की और अपना घर बसाया. यह सब डॉक्टरों ने ऐसा किया कि महिला के हाथ से पुरुष लिंग का पुनर्निर्माण कर महिला में सफल प्रत्यारोपण कर पुरुष में बदल दिया. 

प्राइवेट पार्ट रिकंस्ट्रक्शन
दरअसल, इस प्रकार की सर्जरी को प्राइवेट पार्ट रिकंस्ट्रक्शन कहा जाता है.  दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जरी में उत्तर प्रदेश से 34 वर्षीय महिला गायत्री (बदला हुआ नाम) का यह इलाज हुआ है. वे पूरी तरह से एक पुरुष में परिवर्तित होना चाहती थीं. सभी जांचों से यह पाया गया कि महिला मानसिक रूप से पुरुष थी. यह स्थिति डिस्फोरिया (Gender Dysphoria) कहलाती है. 

कुछ इस तरह हुई यह सर्जरी
कुछ साल पहले गायत्री ने ऑपरेशन द्वारा अपने दोनों स्तन हटवाए और फिर इसके बाद गर्भाशय, अंडाशय और प्राइवेट पार्ट भी हटवा दिए. वह 2016 से पुरुष हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी पर थीं. सर गंगा राम अस्पताल में पहुंचने के समय गायत्री में सभी पुरुष लक्षण थे. इनमें दाढ़ी, छाती पर बाल, पुरुषों वाली आवाज और पुरुष व्यवहार आदि शामिल थे. डिपार्टमेंट ऑफ प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जरी के सीनियर कंसलटेंट डॉ. भीम सिंह नंदा ने बताया कि हमने टिश्यू ट्रांसफर की अत्याधुनिक माइक्रो-सर्जिकल तकनीक द्वारा पूर्ण पुरुष परिवर्तन के लिए लिंग को महिला के हाथ पर पुनर्निर्माण करने का फैसला किया.

'महेश बनकर की शालिनी से शादी'
सभी तकनीकों में से हमने लिंग पुनर्निर्माण के लिए हाथ और कलाई को डोनर के रूप में चुना. यह एक चुनौतीपूर्ण सर्जरी थी. अगला कदम पुनर्निर्मित लिंग को मरीज के गुप्तांग की जगह में प्रत्यारोपित करना था. अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण कदम पुनर्गठित लिंग को कामुक नसों के साथ जोड़ना था, जो बाद में लिंग प्रत्यारोपण और संतुष्टि के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है. यह एक सफल सर्जरी रही और अब गायत्री महेश बन चुकी हैं और उन्होंने शालिनी से शादी भी की है.

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