डियर जिंदगी : हम कितने ओरिजनल हैं...

डियर जिंदगी : हम कितने ओरिजनल हैं...

यह सेल्‍फी समय है. पहले की शताब्‍दियों की तुलना में अधिक आत्‍मकेंद्रित, आत्‍ममुग्‍ध और खुद पर मर मिटने वाला.

डियर जिंदगी : नीम के पत्‍ते कड़वे सही पर खून साफ करते हैं...

डियर जिंदगी : नीम के पत्‍ते कड़वे सही पर खून साफ करते हैं...

इन दिनों भारतीय अखबार, वेबसाइट क्रिकेट टीम के कप्‍तान और कोच के विवाद से भरे हुए हैं. इसमें अब तक सामने आए तथ्‍यों से एक बात साबित हो चुकी है कि खिलाड़ी कोच के 'अधिक' अनुशासन से नाराज हैं.

डियर जिंदगी : 'मेरे लायक कुछ हो तो बताना...' को भूल जाना...

डियर जिंदगी : 'मेरे लायक कुछ हो तो बताना...' को भूल जाना...

मेरे लायक कभी कुछ हो तो बताना. यह एक विनम्र वादा, अक्‍सर कहा जाने वाला वाक्‍य है. लेकिन हममें से कितने लोग इस वाक्‍य को ईमानदारी के साथ निभाते हैं.

डियर जिंदगी : प्रेम किसी का दुश्‍मन नहीं, बस नजर 'नई' हो...

डियर जिंदगी : प्रेम किसी का दुश्‍मन नहीं, बस नजर 'नई' हो...

उन्‍होंने जीवन की सारी कमाई इकलौते बेटे के स्‍टार्टअप के नाम कर दी. कुछ नहीं छोड़ा, न सेविंग्स, न पीएफ, न मकान. तीन बरस बाद बेटे की कंपनी दौड़ पड़ी.

डियर जिंदगी : आपके दोस्‍त भी तो एक जैसे नहीं हैं...

डियर जिंदगी : आपके दोस्‍त भी तो एक जैसे नहीं हैं...

यह सवाल पहली नजर में अटपटा लग सकता है, लेकिन जिंदगी के काम का है. अगर मेरे सभी दोस्‍त मेरे जैसे ही हैं, तो इसका मतलब हुआ, मेरे पास दुनिया देखने का बस एक नजरिया है.

डियर जिंदगी : तलाक की यह चिट्ठी क्‍या कहती है...

डियर जिंदगी : तलाक की यह चिट्ठी क्‍या कहती है...

'डियर रोशन, यह थोड़ा मुश्किल है, लेकिन हमें अलग होना ही होगा. जिंदगी में सब कुछ इतना एक जैसा हो गया है कि यह जानलेवा बोरियत में बदल गया है.

डियर जिंदगी: प्रेम देते नमक जितना हैं, चाहते थैला भर हैं

डियर जिंदगी: प्रेम देते नमक जितना हैं, चाहते थैला भर हैं

ऐसा कौन है, जिसे प्रेम नहीं चाहिए. जो दोस्‍तों, परिजनों का स्‍नेह नहीं चाहिए. ऐसा कौन है, जो अपने आसपास, अपने प्रोफेशन में सबका दुलारा न बनना चाहे. लेकिन कर कितने पाते हैं.

डियर ज़िंदगी : आप भी ज़रूरत से ज़्यादा सोचते हैं...

डियर ज़िंदगी : आप भी ज़रूरत से ज़्यादा सोचते हैं...

एक प्रोफ़ेसर मित्र जापान से लौटे. उन्‍होंने यात्रा के किस्‍सों के दौरान एक मज़ेदार बात कही 'जापानी काफ़ी सोच-विचार करते हैं, लेकिन जल्‍दी निर्णय लेते हैं.' बात मज़ेदार है.

डियर जिंदगी : आपके पास कितनी कहानियां हैं...

डियर जिंदगी : आपके पास कितनी कहानियां हैं...

जिसके पास जितनी कहानियां होती हैं, वह उतनी ही बड़ी शख्सियत है. जिसके पास कहानियों का अंबार है, उसके पास ही अनुभव की पूंजी होगी. जिसकी जिंदगी में उतार- चढ़ाव कम हैं, उसका ग्रॉफ एक जैसा है.

डियर जिंदगी : हम परिवर्तन के लिए कितने तैयार हैं...

डियर जिंदगी : हम परिवर्तन के लिए कितने तैयार हैं...

हमारा जीवन जिन बुनियादी चीजों से प्रभावित , संचालित होता है परिवर्तन उनमें सबसे प्रमुख है. हम किसी नई चीज के लिए कितने तैयार हैं, इससे जिंदगी की दशा, दिशा बहुत हद तक तय हो जाती है.

डियर जिंदगी: हमारे भीतर इतनी हिंसा कहां से आई...

डियर जिंदगी: हमारे भीतर इतनी हिंसा कहां से आई...

हमारी छवि एक ऐसे देश की है, जिसने  अहिंसा को धर्म का दर्जा दिया. हम इसका जिक्र भी गर्व से करते हैं कि हम अहिंसक, शांतिप्रिय समाज हैं.

डियर जिंदगी: खुद को बदले बिना बच्‍चे नहीं बदलने वाले...

डियर जिंदगी: खुद को बदले बिना बच्‍चे नहीं बदलने वाले...

हम सबने वह समय देखा है, जब हमारे माता-पिता घर में शांति से झगड़ लेते थे. उनके बीच तनाव भी सौम्‍यता से रहता था. बुजुर्गों की उपस्थिति उनके आपसी गुस्‍से, तनाव को अनुभव, प्‍यार से संभाल लेती थी.

डियर जिंदगी : क्‍या घर पर भी आप ऑफि‍स जैसे हैं...

डियर जिंदगी : क्‍या घर पर भी आप ऑफि‍स जैसे हैं...

घर पर भी उनके चेहरे पर मुस्‍कान तलाशना मुश्‍किल काम है. गिनती के शब्‍द, बमुश्किल होठों पर हंसी. यही उनकी जीवनशैली है. ऐसे लोखों किरदार हमारे आसपास हैं. जिन्‍होंने जिंदगी को अपनी 'वर्किंग ऑवर' वाली छवि में कैद कर लिया है.

डियर जिंदगी : हम किसके सपने जी रहे हैं...

डियर जिंदगी : हम किसके सपने जी रहे हैं...

रिजल्‍ट का मौसम हमेशा की तरह बच्‍चों और पैरेंट्स के लिए इस बार भी खास है. इसलिए, यह हर जगह टॉकिंग प्‍वाइंट है, बहस, उलझन का दौर है. यह चुनाव  एकदम नैसर्गिक, बिना किसी तनाव के होना चाहिए.

डियर जिंदगी : दूसरों के बारे में आपकी राय क्‍या है...

डियर जिंदगी : दूसरों के बारे में आपकी राय क्‍या है...

जरा, इस सवाल को बिना किसी कारण, यूं ही दूसरों के सामने उछाल कर देखिए. आप पाएंगे कि लोगों के बारे में राय देते हुए हम अक्‍सर निगेटिव होते हैं.

डियर ज़िंदगी : नए 'रिवाज' कहां से आएंगे और कौन लाएगा...

डियर ज़िंदगी : नए 'रिवाज' कहां से आएंगे और कौन लाएगा...

आलोचना से डरना एक समाज के रूप में इस मायने में अच्‍छा है कि लोग आमतौर पर कुछ नियम-कायदों के बंधन को मान लेते हैं. समाज में इस आलोचना का डर कई बार क़ानून के डर के मुकाबले अधिक देखा गया है.

डियर जिंदगी : हम बदलाव के लिए कितने तैयार हैं...

डियर जिंदगी : हम बदलाव के लिए कितने तैयार हैं...

हममें से ज़्यादातर लोग दावा करते हैं कि वह परिवर्तन पसंद हैं. बदलाव चाहते हैं, लेकिन भीतर से वह परिवर्तन विरोधी होते हैं, जो इस उम्‍मीद में जीते रहते हैं कि बस, एक बार सैटल हो जाएं.

डियर जिंदगी : हम 'आभार' से बहुत दूर निकल आए हैं...

डियर जिंदगी : हम 'आभार' से बहुत दूर निकल आए हैं...

एक दिन उनको चालीस बरस पहले उनके बॉस रहे शख्‍स की ओर से न्‍योता मिला. उनकी बेटी की शादी का निमंत्रण. उनके घर से कोई 400 किमी दूर.

डियर जिंदगी : रिजल्ट हमारा दोस्त, कभी बुरा नहीं होता

डियर जिंदगी : रिजल्ट हमारा दोस्त, कभी बुरा नहीं होता

सीबीएसई बोर्ड की 12वीं का रिजल्‍ट आने के बाद हम ऐसे बच्‍चों की सफलता की कहानियां बताने, सुनने में व्‍यस्‍त हैं, जिन्‍होंने लगभग 100 प्रतिशत अंक हासिल कर लिए हैं.

डियर जिंदगी : उनके लिए जो पहली, दूसरी नौकरी के बाद मुश्किल वक्त में हैं

डियर जिंदगी : उनके लिए जो पहली, दूसरी नौकरी के बाद मुश्किल वक्त में हैं

आईआईएम से निकले युवा का जैसा मिज़ाज होना चाहिए. उसका वैसा ही है. इसके साथ उसके पिता का आर्मी ऑफ़िसर का बैगग्राउंड उसे विरासत में मिला.