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डियर जिंदगी : तुम आते तो अच्‍छा होता!

डियर जिंदगी : तुम आते तो अच्‍छा होता!

जब सपनों की शहर में आपके पांव अच्‍छी तरह जम जाएं तो होता यह है कि अपनों की बातें आप तक पहले तो पहुंचती ही नहीं और पहुंच भी जाए तो अच्‍छी बात भी ‘कड़वी’ लगने लगती है.

Sep 25, 2018, 09:35 AM IST
डियर जिंदगी : दुख का संगीत!

डियर जिंदगी : दुख का संगीत!

अपने भीतर एक ऐसी दुनिया का निर्माण हम करते जाते हैं, जो हमसे ही लडऩे के लिए, हमें ही हराने के लिए कमर कसे हुए हैं.

Sep 24, 2018, 08:45 AM IST
डियर जिंदगी : कितना सुनते हैं!

डियर जिंदगी : कितना सुनते हैं!

जब हमें गुस्‍सा दिलाने के लिए अब शब्‍दों की जगह आंख भर से काम हो जाए तो हमें समझना होगा कि हम कितने गंभीर स्‍तर पर पहुंच गए हैं! हम अंदर से इतने उबल रहे हैं कि ‘तापमान’ में जरा सा बदलाव हमारे गुस्‍से को ज्‍वालामुखी में बदल देता है.

Sep 21, 2018, 09:57 AM IST
डियर जिंदगी : जब बच्‍चों के नंबर 'कम' आएं...

डियर जिंदगी : जब बच्‍चों के नंबर 'कम' आएं...

स्‍कूल बच्‍चों के रिजल्‍ट को 'सेल' करके नई फ्रेंचाइजी बनाने में व्‍यस्‍त हैं. उनका बच्‍चों पर से ध्‍यान पूरी तरह गायब है.

Sep 20, 2018, 07:31 AM IST
डियर जिंदगी : बच्‍चों के निर्णय!

डियर जिंदगी : बच्‍चों के निर्णय!

दिलों में प्रेम तो है लेकिन वह रिवाजों के जाल में कहीं बंध गया है. ऐसे में थोड़े सा स्‍नेह जिंदगी के सारे तनाव को बिसार सकता है. 

Sep 19, 2018, 09:13 AM IST
डियर जिंदगी : बच्चों के प्रति नजरिया…

डियर जिंदगी : बच्चों के प्रति नजरिया…

आपसे विनम्र अनुरोध है कि अपने बच्‍चों की परवरिश से दुविधा, अनिर्णय, कठोरता और अपने ‘भोगे’ को हमेशा के लिए बाहर कर दें.

Sep 18, 2018, 08:40 AM IST
डियर जिंदगी : बच्‍चे के मन में क्‍या है…

डियर जिंदगी : बच्‍चे के मन में क्‍या है…

बच्‍चे का जीवन सबसे मूल्‍यवान है, उससे बढ़कर आपके लिए कुछ नहीं. न समाज, न कोई परीक्षा और न ही कोई रिजल्‍ट आपके और बच्‍चे के बीच आना चाहिए.

Sep 17, 2018, 08:07 AM IST
डियर जिंदगी : ‘बलइयां’ कौन लेगा…

डियर जिंदगी : ‘बलइयां’ कौन लेगा…

बलइयां लेने का अर्थ जो न समझ रहे हों, उनके लिए बस इतना ही कि हमसे बड़े, हमारे हितकारी ऐसे लोग जो हमें हर बला (मुसीबत) से दूर रखने का काम करते थे.

Sep 14, 2018, 08:11 AM IST
डियर जिंदगी : कोमल मन के द्वार…

डियर जिंदगी : कोमल मन के द्वार…

कोमलता की खोज में बहुत इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं, वह तो ऐसी सरल चीज है तो खामोशी से आपके भीतर रहती है, बस उसे सुनने और समझने की जरूरत होती है.  

Sep 13, 2018, 09:12 AM IST
डियर जिंदगी : 'अलग' हो जाइए, पर जिंदा रहिए...

डियर जिंदगी : 'अलग' हो जाइए, पर जिंदा रहिए...

हम बाहरी दुनिया, गरीबी, कड़ी मेहनत से नहीं टूटते, लेकिन जैसे ही दस-बाई-दस के कमरे में तनाव पति-पत्‍नी, मित्र, प्रेमी-प्रेमिका से लिपटता है, तो उसकी पकड़ से निकलना मुश्किल हो जाता है. क्‍यों! 

Sep 12, 2018, 09:35 AM IST
डियर जिंदगी : ‘दुखी’ रहने का निर्णय!

डियर जिंदगी : ‘दुखी’ रहने का निर्णय!

एक बार दुखी रहने का निर्णय लेते ही हम ‘निर्दोष’ दुखी होते जाते हैं. यानी बिना किसी के ‘दोष’ के. रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों, चीजों में हम दुख तलाशने निकल जाते हैं.

Sep 11, 2018, 08:59 AM IST
डियर जिंदगी : सत्‍य के प्रयोग- 2

डियर जिंदगी : सत्‍य के प्रयोग- 2

अगर आपके भीतर सत्‍यबोध है, तो केवल उस आवाज पर भरोसा करिए जो अंतर्मन से आए. दुनिया के नजरिए की फ्र‍िक मत करिए, बस अपने इरादे, चुनाव पर कायम रहिए.

Sep 10, 2018, 07:18 AM IST
डियर जिंदगी: सत्‍य के प्रयोग- 1

डियर जिंदगी: सत्‍य के प्रयोग- 1

तब तक ‘मुन्‍ना भाई एमबीबीएस’ नहीं आई थी, लेकिन गांधी के पास मेरे प्रश्‍न, तनाव और निर्णय लेने की क्षमता जैसे जटिल प्रश्‍न के सारे हल थे.

Sep 7, 2018, 09:54 AM IST
डियर जिंदगी : ‘अनुभव’ को संभालना कैसे है…

डियर जिंदगी : ‘अनुभव’ को संभालना कैसे है…

हमने सुख-दुख, जीवन के अनुभवों को ‘एक्‍सक्‍लूसिव’ मान लिया, जबकि यह जीवन के सामान्‍य राग हैं. इनमें कुछ भी विशेष नहीं. हमें इनका साक्षी बनकर जीवन जीना है, इनका चौकीदार बनकर नहीं.

Sep 6, 2018, 08:38 AM IST
डियर जिंदगी: जीवन सफर है, मंजिल नहीं…

डियर जिंदगी: जीवन सफर है, मंजिल नहीं…

हमारी सोच, सपने के साकार होने के लिए एक अकेला जीवन काफी नहीं है. एक अकेले हम काफी नहीं हैं. जीवन इसलिए अकेला नहीं, उसका सारांश साथ में है. जीवन असल में सह-जीवन है. दूसरों के साथ समन्‍वय है.

Sep 5, 2018, 08:23 AM IST
डियर जिंदगी: जब मन का न हो रहा हो…

डियर जिंदगी: जब मन का न हो रहा हो…

निर्णय तो दो में से किसी एक का ही हो सकता है, लेकिन मन तो नहीं बंटना चाहिए.’ ऐसी खूबसूरत बात अनुभव की अंगीठी में ही पक सकती है.

Sep 4, 2018, 07:43 AM IST
डियर जिंदगी : कितना ‘सहते’ हैं हम

डियर जिंदगी : कितना ‘सहते’ हैं हम

जिंदगी वन-वे ट्रैफिक नहीं है. जहां सड़क ठीक मिले तो आपको मनचाही गति मिल जाती है. दूसरे के कहीं और से ‘प्रवेश’ की चिंता नहीं होती. बस अपनी ड्राइविंग पर ध्‍यान लगाकर मंजिल तक पहुंचा जा सकता है!

Sep 3, 2018, 09:36 AM IST
डियर जिंदगी: अकेले रहने के मायने!

डियर जिंदगी: अकेले रहने के मायने!

अकेले होने के अर्थ पुराने हो चले हैं. अब अकेले होने के मायने हो गए हैं, आप एक कमरे में चुपचाप मोबाइल के साथ अकेले हैं! आप वीडियो गेम के साथ अकेले हैं. अकेले में आप चैटिंग कर रहे होते हैं.

Aug 31, 2018, 08:08 AM IST
डियर जिंदगी: घर के भीतर प्रवेश करने की कला...

डियर जिंदगी: घर के भीतर प्रवेश करने की कला...

प्रेम को पढ़ा तो हमने बहुत, लेकिन उसे ठहरकर जीना सरल नहीं है. इसे मन को समझाना होगा.

Aug 30, 2018, 06:45 AM IST
डियर जिंदगी: दुख का आत्‍मा की 'काई' बन जाना...

डियर जिंदगी: दुख का आत्‍मा की 'काई' बन जाना...

बाढ़ का पानी अगर शहर में एक बार घुस जाए तो आसानी से कहां निकलता है... और असली परेशानी तो पानी निकलने के बाद शुरू होती है!

Aug 29, 2018, 07:50 AM IST