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डियर जिंदगी: कहां है सुख और सुखी कौन!

डियर जिंदगी: कहां है सुख और सुखी कौन!

सुख के अपने-अपने घोंसले हैं. किसी को बया की क्रिएटिविटी लुभाती है, तो कोई ‘चट्टानों’ के बीच चैन खोजता है. जैसे परीक्षा में ‘कम से कम’ नंबर लाना जरूरी होता है, वही फॉर्मूला दूसरों को सुख देने के बारे में हमें अपनाना होगा. 

Aug 24, 2018, 08:07 AM IST
डियर जिंदगी : बच्‍चों को कितना स्‍नेह चाहिए!

डियर जिंदगी : बच्‍चों को कितना स्‍नेह चाहिए!

हम बच्‍चे के लिए बहुत अधिक जुटाने के फेर में उसे बहुत अधिक अकेला छोड़ रहे हैं. उसके अंदर का अकेलापन उसे रूखा बना रहा है. कठोर, जिद्दी और रेत की तरह स्‍नेह से दूर.

Aug 23, 2018, 08:03 AM IST
डियर जिंदगी : आंसू सुख की ओर ‘मुड़’ जाना है...

डियर जिंदगी : आंसू सुख की ओर ‘मुड़’ जाना है...

दूसरों को नीचा दिखाने, छोटी-छोटी बात पर एक-दूसरे की जान लेने पर आमादा, हर दूसरे वाक्‍य में मां-बहन की गाली देने वाले लोग कौन हैं! यह समाज का वही हिस्‍सा है, जिसकी आंखों में आंसू का उतरना वर्जित है. इनकी आंखों में 'नमी' के साथ, स्‍नेह, प्रेम और आत्‍मीयता भी घटती जा रही है.

Aug 22, 2018, 09:55 AM IST
डियर जिंदगी : जीने की तमन्‍ना से प्‍यार करें, मरने के अरमान से नहीं…

डियर जिंदगी : जीने की तमन्‍ना से प्‍यार करें, मरने के अरमान से नहीं…

हमें आत्‍महत्‍या के विचार के विरुद्ध जमकर लोहा लेना होगा. न कि सहानुभूति! आत्‍महत्‍या करने वालों के प्रति उदारता से हम समाज को सृजनात्मक नहीं बना सकते.

Aug 21, 2018, 08:46 AM IST
डियर जिंदगी : जब कोई बात बिगड़ जाए…

डियर जिंदगी : जब कोई बात बिगड़ जाए…

दोस्‍तों और परिवार की छांव की ओर लौटिए, उनसे दिल का हाल साझा कीजिए. बात कितनी भी क्‍यों न बिगड़ जाए, उसे संभाला जा सकता है. यह बात अपने दिल, दिमाग और दीवार पर साफ-साफ लिख दीजिए.

Aug 20, 2018, 08:25 AM IST
डियर जिंदगी :  'भीतर' कितनी टीस बची है...

डियर जिंदगी : 'भीतर' कितनी टीस बची है...

हमारे आसपास ऐसे लोगों की संख्‍या तेजी से बढ़ती जा रही है, जो तनाव, उदासी और डिप्रेशन का सामना करने में परेशानी महसूस कर रहे हैं. इसके कारण उनकी मानसिक, शारीरिक सेहत दोनों प्रभावित हो रही हैं.  

Aug 17, 2018, 08:34 AM IST
डियर जिंदगी : अधूरे ख्‍वाबों की कहानी…

डियर जिंदगी : अधूरे ख्‍वाबों की कहानी…

अगर हमारे सपने में भय है. आशंका है. विश्‍वास की कमी है तो कैसे ख्‍वाब पूरे होंगे. उसके बाद सारी जिंदगी बहाने खोजते हुए, ‘बहानेसाइटिस’ में खर्च होगी.

Aug 16, 2018, 08:19 AM IST
डियर जिंदगी: संकरी होती आत्‍मीयता की गली…

डियर जिंदगी: संकरी होती आत्‍मीयता की गली…

याद रखिए, प्रेम, आत्‍मीयता और स्‍नेह समाज से इसलिए कम हो रहे हैं, क्‍योंकि इनकी चिंता में घुलने वाले तो बहुत हैं, लेकिन इन्‍हें दूसरों तक पहुंचाने वाले बहुत कम हैं. और जिस चीज के समर्थन में कम लोग होते हैं, वह चीज धीरे-धीरे गायब होती जाती है.

Aug 14, 2018, 07:56 AM IST
डियर जिंदगी : जिंदगी को निर्णय की ‘धूप’ में खिलने दीजिए

डियर जिंदगी : जिंदगी को निर्णय की ‘धूप’ में खिलने दीजिए

'अलग’ हो जाना या ठीक कर लेना, देखने में यह अलग-अलग बातें दिखती हैं, लेकिन असल में यह ‘एक’ ही हैं.

Aug 13, 2018, 08:58 AM IST
डियर जिंदगी : 'क्‍या गम है, जो मुझसे छुपा रहे हो…'

डियर जिंदगी : 'क्‍या गम है, जो मुझसे छुपा रहे हो…'

एक-दूसरे से खुलकर दिल की बातें कहने का हुनर अभी हम नहीं सीख पाएं हैं. इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि हम खुलकर आसानी से अपने दिल का ‘हाल’ एक-दूसरे से बयां नहीं करते.

Aug 10, 2018, 08:19 AM IST
डियर जिंदगी: किसी के साथ होने का अर्थ...

डियर जिंदगी: किसी के साथ होने का अर्थ...

अगर हम अपने कहे पर कायम हैं, तो यह बात अंतत: हमारे पक्ष में ही जाती है, क्‍योंकि ऐसा करके हम अपने समीप एक ऐसी दुनिया रच रहे हैं, तो एक-दूसरे के प्रति कृतज्ञ  है.

Aug 9, 2018, 07:39 AM IST
डियर जिंदगी : यादों का डस्‍टबिन!

डियर जिंदगी : यादों का डस्‍टबिन!

हर बरस की अगर पांच-पांच बातें भी दिमाग में जमी रह गईं और आपकी उम्र कम से कम तीस-चालीस बरस है तो सोचिए कितनी यादें दिल, दिमाग और चेतन-अवचेतन मन पर अमरबेल की तरह पसरी हैं.

Aug 8, 2018, 08:27 AM IST
डियर जिंदगी : सुखी होने को क्‍या चाहिए…

डियर जिंदगी : सुखी होने को क्‍या चाहिए…

भारत का सबसे बड़ा रोग यही है, ‘लोग क्‍या कहेंगे.’ जबकि लोग अक्‍सर कुछ नहीं कहते. जिसके पास आपके दुख में खड़े होने की शक्ति नहीं, उसके कहने से हम इतना क्‍यों डरते हैं.

Aug 7, 2018, 07:46 AM IST
डियर जिंदगी : ‘मैं' ही सही हूं!

डियर जिंदगी : ‘मैं' ही सही हूं!

कठोर होना है तो अपने प्रति होइए. उदार होना है तो दूसरों के प्रति. सारी समस्‍या की जड़ इस सरल नियम का उल्‍टा होते जाना है.

Aug 6, 2018, 08:11 AM IST
डियर जिंदगी : तुम समझते/समझती क्‍यों नहीं...

डियर जिंदगी : तुम समझते/समझती क्‍यों नहीं...

पति और पत्‍नी इस दुनिया में एक-दूसरे को छोड़कर बाकी सबको समझने योग्‍य मानते हैं! ऐसा क्‍या है इस रिश्‍ते में, जो उल्‍लास, आनंद, खुशी के ख्‍वाब से आरंभ होता है, वह कुछ ही दिनों में हिचकोले खाने लगता है.

Aug 3, 2018, 07:31 AM IST
डियर जिंदगी: दिल के रिश्‍ते ‘दिमाग’ से नहीं सुधरते…

डियर जिंदगी: दिल के रिश्‍ते ‘दिमाग’ से नहीं सुधरते…

यहां बच्‍चे को जरा सी खरोच, चोट, बुखार पर डॉक्‍टर को दिखाने का रिवाज है, लेकिन हम मन से भी बीमार हो सकते हैं. इसकी ओर किसी का ध्‍यान नहीं...

Aug 2, 2018, 07:32 AM IST
डियर जिंदगी: ‘छोटा’ होता मन…

डियर जिंदगी: ‘छोटा’ होता मन…

परिवार, मित्र ऐसे व्‍यक्‍ति को दिन-रात समझाने में जुटे रहते हैं, जो हमेशा सबकी मदद के लिए तैयार रहता हो! उसे ‘करेक्‍ट’ करने की कोशिश की जाती है कि दूसरों के चक्‍कर में कहां पड़े रहते हो.

Aug 1, 2018, 07:46 AM IST
डियर जिंदगी: क्‍यों आत्‍महत्‍या कर रहे हैं ‘बड़े’ लोग…

डियर जिंदगी: क्‍यों आत्‍महत्‍या कर रहे हैं ‘बड़े’ लोग…

 हमेशा 'हिसाब' में डूबे रहने वाले  अक्‍सर तनाव की छोटी नहर में भी डूब जाते हैं.  जिंदगी की नदी का मिजाज समझिए. हमेशा दूसरों से कुछ हासिल कर लेने, उनका उपयोग करने की चाहत से ऊपर उठिए.

Jul 31, 2018, 07:39 AM IST
डियर जिंदगी: डर से कौन जीता है!

डियर जिंदगी: डर से कौन जीता है!

डर एक ऐसी अंधेरी 'सुरंग' है, जिससे बाहर निकलने के दरवाजे पर बड़ी चट्टान रखी हुई है. जिसे बाहर से नहीं हटाया जा सकता, उसे केवल ‘भीतर’से हटाना संभव है.

Jul 30, 2018, 08:03 AM IST
डियर जिंदगी: खुश नहीं हैं, तो बताना चाहिए…

डियर जिंदगी: खुश नहीं हैं, तो बताना चाहिए…

समय की नाव तो हमें, संबंधों को नए, अ‍लग तटों की यात्रा कराना चाहती है, लेकिन हम भीतर के विरोध से इतने भरे हैं कि ‘चश्‍मे’ के आगे कुछ देखना ही नहीं चाहते! 

Jul 27, 2018, 10:07 AM IST

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