Shirdi Trust: अगर आप भी इनकम टैक्‍स भरते हैं तो इस खबर से आपका अपडेट रहना जरूरी है. जी हां, बंबई हाई कोर्ट ने एक ऐसा आदेश द‍िया है ज‍िसके बारे में आयकर भरने वालों को पता होना चाह‍िए. बंबई हाई कोर्ट के आदेश में कहा गया क‍ि 'श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट' गुमनाम दान पर टैक्‍स छूट पाने का पात्र है क्योंकि यह एक धार्मिक और धर्मार्थ ट्रस्ट है. श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट, महाराष्‍ट्र के शिरडी स्थित प्रसिद्ध मंदिर का प्रबंधन करता है.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

आयकर विभाग की तरफ से दायर अपील को खारिज क‍िया


न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरसन की खंडपीठ ने आयकर विभाग की तरफ से दायर एक अपील को खारिज कर दिया, जिसमें आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) के अक्टूबर 2023 के फैसले को चुनौती दी गई थी. फैसले में कहा गया था कि चूंकि ट्रस्ट एक धर्मार्थ और धार्मिक निकाय है, इसलिए यह अपने गुमनाम दान पर आयकर से छूट के लिए पात्र है.


संस्था एक धार्मिक और धर्मार्थ ट्रस्ट दोनों
उच्च न्यायालय ने न्यायाधिकरण से सहमति जताते हुए कहा कि संस्था एक धार्मिक और धर्मार्थ ट्रस्ट दोनों है. इसलिए ऐसी संस्था द्वारा प्राप्त कोई भी गुमनाम दान टैक्‍स से छूट के फायदा के लिए पात्र/हकदार होगा. आपको बता दें धार्मिक संस्थाओं को दान करने पर आयकर छूट के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80G का प्रावधान है. लेक‍िन इस तरह की छूट म‍िलने की कुछ शर्तें हैं-


न‍ियमानुसार दान प्राप्त करने वाली संस्था को भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा पंजीकृत धर्मार्थ संस्था होनी चाहिए. इसके अलावा दान का उद्देश्य धार्मिक, सामाजिक या अन्य कल्याणकारी कार्य होना चाहिए. दान देने वाले को दान का प्रमाण पत्र प्राप्त करना जरूरी होता है, जिसे धर्मार्थ संस्था की तरफ से जारी किया जाता है. इस प्रमाण पत्र को आयकर रिटर्न भरते समय संलग्‍न किया जाता है.


अलग-अलग धर्मार्थ संस्थाओं के लिए दान की सीमा अलग-अलग हो सकती है. कुछ संस्थाओं को दिए गए दान पर 50% तक की आयकर छूट मिल सकती है, जबकि कुछ अन्य संस्थाओं के लिए यह सीमा कम हो सकती है. (इनपुट भाषा से भी)