बिहार: 7 सालों से 'मातृत्व अवकाश' पर है 50 वर्षीय शिक्षिका, सरकार को लगा 15 लाख का चूना

यह छुट्टी को लेकर किया गया महाघोटाला है जिसमें असमय फर्जी तरीके से गर्भवती होकर शिक्षिका सात सालों से गायब है और वेतन भी पा रही है.   

बिहार: 7 सालों से 'मातृत्व अवकाश' पर है 50 वर्षीय शिक्षिका, सरकार को लगा 15 लाख का चूना
यह शिक्षिका 2012 से लगातार गायब है और 2017 तक की सैलेरी भी पा चुकी है.

मोहन प्रकाश, सुपौल : बिहार के सुपौल में एक ऐसा सिस्टम की पोल खोलता एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके बारे में जानकर आप भी ना सिर्फ हैरान हो जाएंगे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर हो जाएंगे. यह छुट्टी को लेकर किया गया घोटाला है जिसमें असमय फाइलों पर फर्जी तरीके से गर्भवती होकर शिक्षिका सात सालों से गायब है और वेतन भी पा रही है. 

जी हां, यह शिक्षिका 2012 से लगातार गायब है और 2017 तक की सैलेरी भी पा चुकी है. शिक्षिका को गर्भवती बताकर जब 2019 में वेतन देने के लिए हेडमास्टर का फर्जी हस्ताक्षर कर फिर से बीईओ द्वारा प्रयास किया गया तब जाकर इस मामले का खुलासा हुआ है. जी मीडिया द्वारा की गई जांच पड़ताल के बाद काफी चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं. 

 

शिक्षिका की उम्र 50 साल है और बार-बार कभी प्रेग्नेंट तो कभी मेडिकल लीव के नाम पर उसकी छुट्टी स्वीकृत की गई. मिली जानकारी के अनुसार पीपरा प्रखंड के मध्य विद्यालय हटबरिया में एक शिक्षिका 7 वर्षो से स्कूल से गायब है लेकिन 2017 तक वेतन भुगतान पीपरा बीईओ की मिलीभगत से पा चुकी है.

इधर मार्च 2019 तक का वेतन देने के लिए शिक्षिका को गर्भवती बताकर मातृत्व अवकाश एवं चिकित्सा अवकाश के आधार पर पीपरा बीईओ द्वारा जरूरी पेपर बनाकर शिक्षा विभाग को दिया जा चुका है. इतना ही नहीं शेष अवधि को कार्यरत मानकर वेतन भुगतान करने का प्रयास किया जा रहा है. फर्जीवाड़े के इस गिरोह में पीपरा बीईओ सूर्य प्रसाद यादव, विद्यालय के हेडमास्टर और पीपरा प्रखंड के बीडीओ भी शामिल हैं.

 विद्यालय के वर्तमान प्रधानाध्यापक मनोज कुमार मित्रा बताते है कि कुमारी सुभद्रा ठाकुर 2012 से ही विद्यालय से गायब है और इसकी जानकारी हर माह पीपरा बीईओ कार्यालय को दिया जा रहा है. स्कूल के शिक्षकों ने सुभद्रा ठाकुर का नाम तो सुना है लेकिन कभी देखा नहीं है. एक शिक्षिका का कहना है कि वो स्कूल में 14 सालों से हैं लेकिन कभी सुभद्रा ठाकुर को नहीं देखा.  अब तक मिली जानकारी के अनुसार सुभद्रा ठाकुर के दो बच्चे हैं. एक बेटा 32 साल का है और इंजीनियर है. 

ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या इस तरह के अवकाश के आधार और और भी शिक्षिकायें घर बैठे वेतन का लाभ ले रही हैं. सुभद्रा ठाकुर को ढूंढा भी जा रहा है लेकिन वो कहीं भी नहीं मिली. अब आगे इस मामले में क्या कार्रवाई होती है ये भी देखने वाली बात होगी.