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बाहुबली अनंत सिंह पर भारी पड़े बेउर जेल के मच्छर, पड़ोसी कैदियों को सुनाई आपबीती

बेउर के मच्छर बाहुबली पर भारी पडे. साथ ही रहा सहा कसर गर्मी और उमस ने पूरी कर दी. ऐसे में चर्चा तेजी से है कि बाहुबली सेहत का हवाला देकर बेउर से छुटकारा पाने के लिए हास्पीटल का भी सहारा ले सकते हैं.

बाहुबली अनंत सिंह पर भारी पड़े बेउर जेल के मच्छर, पड़ोसी कैदियों को सुनाई आपबीती
विधायक होने की वजह से अनंत सिंह को डिविजनल वार्ड में रखा गया है.

पटना: बाहुबली विधायक अनंत सिंह का नया पता अब बेउर जेल का डिविजनल वार्ड है. अनंत सिंह को अब आनेवाले अपने कई दिन इसी वार्ड में काटने होंगे. लेकिन बाहुबली के लिए जेल में पहली रात काटना ही मुश्किल रहा. बेउर के मच्छर बाहुबली पर भारी पडे. साथ ही रही सही कसर गर्मी और उमस ने पूरी कर दी. ऐसे में चर्चा तेजी से है कि बाहुबली सेहत का हवाला देकर बेउर से छुटकारा पाने के लिए अस्पताल का भी सहारा ले सकते हैं.

बीते एक हफ्ते से पटना पुलिस के नाकों में दम करनेवाले बाहुबली विधायक अनंत सिंह अब परेशान हैं. अनंत सिंह अब पटना के बेउर जेल में अपना समय काट रहे हैं. रविवार को पटना पुलिस ने अनंत सिंह को कोर्ट में पेश कर सलाखों के पीछे भेज दिया. हालांकि अनंत सिंह पहली बार जेल नहीं गए हैं. अनंत सिंह अपनी जिंदगी में पहले 9 साल की उम्र में ही जेल जा चुके हैं. पिछली बार उनकी जेल यात्रा 2015 में हुई थी. लेकिन इसबार लंबे समय बाद फिर से जेल में समय गुजारना उनके लिए कष्टकारी साबित हो रहा है.

 

 जेल से बचने के लिए अनंत सिंह 7 सात दिनों तक देश के नामी वकीलों की खाक भी छानते रहे थे. लेकिन आखिरकार पुलिस ने उन्हें जेल पहुंचा ही दिया. 
रविवार का दिन अनंत सिंह के लिए इस जेल यात्रा का पहला दिन था. यही वजह रही कि परेशानी भी ज्यादा ही रही. लक्जरी लाईफ जीने वाले अनंत सिंह के लिए ये किसी नर्क जीवन से कम नहीं था . 

24 घंटे एयरकंडिशन रुम और एयरकंडीशन गाडी का इस्तेमाल करनेवाले अनंत सिंह की पहली रात उमस भरी गर्मी के बीच बीती. इतना ही नहीं मच्छरों ने अनंत सिंह को रातभर सोने नहीं दिया. विधायक होने की वजह से अनंत सिंह को डिविजनल वार्ड में रखा गया है. जहां उन्हें एक चौकी एक चादर एक पंखा दिया गया था. टीवी की डिमांड पर अनंत सिंह की ये डिमांड भी जेल प्रशासन की ओर से पूरी की गयी. 

अनंत सिंह ने टेलीविजन पर देर रात तक समाचार भी देखा. इससे पहले दोपहर के वक्त अनंत सिंह को जेल का खाना दिया गया. चावल दाल और आलू परवल की सब्जी अनंत सिंह को दी गयी. दो दिनों तक दिल्ली पटना का चक्कर लगाने के कारण ठीक से खाना नहीं मिल पाने के कारण विधायक को भूख लगी थी. इसलिए विधायक ने जेल का पहला निवाला लेने की कोशिश जरुर की लेकिन मनपसंद खाना नहीं हो पाने के कारण विधायक ने खाना अधूरा छोड दिया और पानी पीकर लेट गये.

दोपहर के खाने की स्थिती देखकर विधायक को शाम के खाने की चिंता सताने लगी. सो विधायक ने जेल प्रसासन से रात में खाने के लिए सेबई , आलू का सूखा भूंजिया और रोटी की डिमांड की. लेकिन जेल प्रसाशन ने विधायक की नहीं सुनी. विधायक को आम कैदियों की तरह ही रोटी और भिंडी की सब्जी दी गयी. विधायक ने मन मारकर खाना खाया.

इधर विधायक को अपने पडोसी के रुप में हत्या के मामले में सजा काट रहे पूर्व सांसद विजय कृष्ण और नाबालिग से यौन शोषण के मामले में सजा काट रहे पूर्व आरजेडी विधायक राजबल्लभ यादव मिले हैं. विधायक ने वर्तमान घटनाक्रम को लेकर अपना दुख पडोसी कैदियों के साथ बांटे और साथ ही खाना भी खाया.  अपने घटनाक्रम को लेकर विधायक को बाहर के सामाचार जानने की भी ललक दिखी. यही वजह रही कि विधायक ने जेल प्रसाशन से सुबह की चाय के साथ एक अखबार दिये जाने की भी मांग की. चूंकि विधायक अनंत सिंह पढे लिखे नहीं हैं ऐसे में अपने पड़ोसी कैदी की मदद से अखबार के जरिये जेल के बाहर की खबर को जानने के लिए वो उत्सुक थे.