अपराध को लेकर समीक्षा बैठक में सीएम नीतीश दिखें खफा, अधिकारियों को लगाई फटकार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पुलिस अधिकारियों से खफा है.  विधि व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर इसको लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई.

अपराध को लेकर समीक्षा बैठक में सीएम नीतीश दिखें खफा, अधिकारियों को लगाई फटकार
सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में अपराधों को लेकर समीक्षा बैठक की.

पटनाः हाल में जिस तरह से बिहार में अपराध बढ़े हैं, उसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पुलिस अधिकारियों से खफा है. विधि व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर इसको लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि ऐसे काम नहीं चलेगा, हर हाल में कानून का राज स्थापित करना होगा. हम इससे समझौता नहीं कर सकते हैं. कानून व्यवस्था को ठीक करने के लिए कई निर्देश भी मुख्यमंत्री की ओर से पुलिस अधिकारियों को दिए गए.

लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद से ही अपराध और अपराधी दोनों बेलगाम हैं, लगातार बड़ी वारदात की घटनाएं हो रही हैं, जिन्हें रोकने में बिहार पुलिस नाकाम साबित हुई है. राजधानी पटना में ताबड़तोड़ घटनाएं हो रही हैं. इनको देखते हुये मुख्यमंत्री ने कहा है कि अब हर प्रमंडल में नियुक्त आईजी और डीआईजी को सप्ताह में तीन दिन पुलिस गश्त की जांच करनी होगी, जबकि एसपी को चार दिन फील्ड में जांच के लिए जाना पड़ेगा. इसके अलावा महीने में दस दिन आईजी और डीआईजी को पुलिस अनुमंडल इलाकों में रहना पड़ेगा. इस दौरान अनुमंडल में पड़नेवाले थानों की समीक्षा करनी होगी. अपराध क्यों बढ़ रहे हैं और उन्हें रोकने के लिए किस तरह के प्रभावी कदम उठाये जा सकते हैं. इसके बारे में रणनीति बनानी होगी. आईजी और डीआईजी के साथ हर जिले में पुलिस कप्तान को भी टास्क दिया गया है.

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया कि प्रदेश में मुजफ्फरपुर और पटना प्रमंडल में सबसे ज्यादा अपराध की घटनाएं हो रही हैं. इसमें अगर जिलों की बात करें, तो मुजफ्फरपुर और पटना में आपराधिक घटनाएं ज्यादा हैं. इसके लिए डीजी टीम के सदस्यों को जांच के लिए लगाया गया है. टीम में एडीजी और आईजी स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जांच पहले पटना जिले की होगी, जिसके दानापुर अनुमंडल की जांच सात जून की की गयी, जबकि 9 अनुमंडलों की जांच 8 जून को की जायेगी. टीम के सदस्य जांच में अपराध बढ़ने के कारणों का पता लगायेंगे. पटना के बाद मुजफ्फरपुर के पुलिस अनुमंडलों की जांच होगी.

डीजीपी ने बताया कि अब थानों में अपराध की जांच और अपराध नियंत्रण को अलग किया जायेगा. इसके लिए अलग पुलिस बल होगा, जिसका अगर ट्रांसफर भी होगा, तो जांच वाले को जांच में ही भेजा जायेगा, जबकि अपराध नियंत्रण में लगे अधिकारियों को भी वही काम दिया जायेगा, ताकि गुणवत्ता प्रभावित नहीं हो. पुलिस के बड़े थानों को स्टेशनरी के लिए 25 हजार, मझोले थानों को 15 और छोटे थानों को 10 हजार की राशि साल में पुलिस मुख्यालय की ओर से मुहैय्या करायी जायेगी. इसका निर्देश भी सीएम की ओर से दिया गया है.

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुभानी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपराध नियंत्रण को लेकर कई दिशा-निर्देश दिये हैं. इसके तहत अब हर थाने में प्रबंधक की नियुक्ति की जायेगी, जो थाने की व्यवस्थाओं को देखेगा. प्रबंधन की जानकारी रखनेवाले व्यक्ति को ही थाने का प्रबंधक बनाया जायेगा. बिहार में अभी 1.40 लाख केस पुलिस जांच में लंबित हैं, इन्हें कम करने के लिए भी मुख्यमंत्री की ओर से कई निर्देश दिये गये हैं, जिनमें अतिरिक्त पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति का प्रावधान है. साथ ही पुलिस मैनुअल सुधार को भी मुख्यमंत्री नने मंजूरी दे दी है.
 
डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि पुलिस के व्यवहार में सुधार आये, इसके लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था की गयी है. साथ ही थाने से लेकर एडीजी तक की जवाबदेही और प्राथमिकताएं तय की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि केवल अपराध ही नहीं हुये हैं. अपराध नियंत्रण के लिए कई कदम भी उठाये गये हैं, जिनमें चार मुठभेड़ प्रमुख हैं, जो अपराधियों और माओवादियों के साथ पुलिस की हुई है. इनमें दो माओवादी मारे गये, जबकि कई जगहों से एके-47 की बरामदगी हुई है. 

बिहार में हाल के दिनों में आपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई, जब से आम चुनाव बीते हैं, उसके बाद से लगातार वारदात हो रही हैं. लगभग आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर लूट की बड़ी वारदात हुई हैं, जबकि हत्या की कई घटनाएं सामने आयी हैं. पटना सिटी के फतुहा इलाके में तीन नरमुंड बरामद किये गये हैं. पुलिस जिनकी पहचान में जुटी है. पता चला है कि कहीं से हत्या करने के बाद सिर फतुहा इलाके में फेंक दिये गये. राजधानी पटना में ही परबत्ता विधायक के आवास के पास शादी से लौट रही महिला के साथ छेड़खानी करने का प्रयास हो रहा था. मनचलों को रोकने के लिए विधायक के बॉडीगार्ड सामने आये, तो मनचलों ने उसके साथ भी बदसलूकी की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके.