झारखंड में हार के बाद बिहार में BJP-JDU आमने सामने, छिड़ी जुबानी जंग

 जेडीयू के नेता झारखंड में हुई हार के लिए सीएए एनआरसी को जिम्मेदार बता रहे हैं. इधर झारखंड चुनाव परिणाम के बाद जेडीयू बीजेपी के बीच छिडी जुबानी जंग का मजा लेने में विपक्ष दल जुट गए हैं. 

झारखंड में हार के बाद बिहार में BJP-JDU आमने सामने, छिड़ी जुबानी जंग
जेडीयू के नेता झारखंड में हुई हार के लिए सीएए एनआरसी को जिम्मेदार बता रहे हैं.

रांची: झारखंड में हुई बीजेपी की हार की आंच अब बिहार तक पहुंच चुकी है. बिहार बीजेपी के अध्यक्ष ने झारखंड में हुई हार के लिए भ्रामक प्रचार को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं जेडीयू के नेता झारखंड में हुई हार के लिए सीएए-एनआरसी को जिम्मेदार बता रहे हैं. इधर झारखंड चुनाव परिणाम के बाद जेडीयू बीजेपी के बीच छिडी जुबानी जंग का मजा लेने में विपक्ष दल जुट गए हैं. 

झारखंड में बीजेपी की हार से बिहार में भी हाहाकार मचा है. क्योंकि ये हार सिर्फ झारखंड बीजेपी की नहीं है बल्कि डबल इंजन के सरकार की हार है. यही वजह है कि बिहार के नेता भी झारखंड से आनेवाली चुनाव परिणाम की तपिश को महसूस करने में जुट गए हैं. खासतौर पर एनडीए के नेता ये जानने में जुट गए हैं कि झारखंड से आनेवाली तपिश उन्हें 2020 चुनाव परिणाम में सुकून देगी या फिर उन्हें झुलसा देगी. 

जेडीयू के अल्पसंख्यक समाज से आनेवाले नेता, झारखंड के चुनाव परिणाम को अलार्म के रुप में ले रहे हैं. उन्हें ये लग रहा है कि पार्टी अगर इसी पैटर्न पर चलती रही तो झुलसना तय है. इसीलिए जेडीयू एमएलसी गुलाम रसूल बलयावी ने कहा है कि देश की जनता अब लोक लुभावन उत्तेजित भावनाओं से आगे निकल चुकी है. 

उन्होंने कहा है कि आम जनता के सामने रोटी कपडा मकान की चुनौती है. झारखंड के चुनाव परिणाम पर सीएए और एनआरसी का अच्छा खासा असर देखने को मिला है. क्योंकि इन मुद्दों को लेकर देश की जनता सडकों पर है. बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल भी मानते हैं कि झारखंड चुनाव परिणाम पर सीएए और एनआरसी का भ्रामक मुद्दा हावी रहा. 

संजय जायसवाल की माने तो कभी कभी भ्रामक प्रचार से भी जीत हासिल हो जाती है. कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इसी भ्रामक प्रचार के जरिये झारखंड में जीत हासिल की है.
इधर झारखंड चुनाव परिणाम से विपक्ष खासा उत्साहित है. हार को लेकर जेडीयू बीजेपी के बीच चल रही जुबानी जंग का मजा भी विपक्षी दल के नेता उठा रहे हैं.

आरजेडी ने बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल के बयान पर सवाल उठाए हैं. प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि बीजेपी तो खुद जनता को भ्रम में डालकर चुनाव जीतती आयी है. 

झारखंड चुनाव भ्रम के कारण नहीं बल्कि अपनी पोल खुलने के कारण ही बीजेपी हार गई है. जहां तक लोगों के बीच भ्रम फैलाने की बात है तो बीजेपी को सबसे पहले अपने सहयोगियों से निपटना चाहिए क्योंकि उनके सहयोगी ही सीएए और एनआरसी पर भ्रम फैला रहे हैं.