गया: दलाई लामा ने महाबोधि मंदिर में की पूजा, कहा- करुणा अपनाना जरूरी

इस मौके पर देश-विदेश के बौद्ध धर्मावलंबी शामिल हो रहे हैं. बुधवार को पहले दिन भगवान बुद्ध की तपोभूमि बोधगया में तिब्बतियों के धर्मगुरु दलाई लामा ने पवित्र महाबोधि वृक्ष के नीचे पूजा अर्चना की एवं वज्रासन के निकट ध्यानलीन रहे.

गया: दलाई लामा ने महाबोधि मंदिर में की पूजा, कहा- करुणा अपनाना जरूरी
दलाई लामा ने महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की.

गया:  बिहार में भगवान बुद्ध की तपोभूमि बोधगया में बुधवार को तिब्बतियों के धर्म गुरु दलाई लामा ने महाबोधि वृक्ष के नीचे सुबह भगवान बुद्ध की पूजा अर्चना की. इस मौके पर भारी संख्या में बौद्ध धर्मावलंबी पूजा अर्चना में शामिल थे. दलाई लामा आगामी 6 जनवरी तक बोधगया आयोजित टीचिंग सेशन में भाग लेंगे.

इस मौके पर देश-विदेश के बौद्ध धर्मावलंबी शामिल हो रहे हैं. बुधवार को पहले दिन भगवान बुद्ध की तपोभूमि बोधगया में तिब्बतियों के धर्मगुरु दलाई लामा ने पवित्र महाबोधि वृक्ष के नीचे पूजा अर्चना की एवं वज्रासन के निकट ध्यानलीन रहे.

दलाई लामा ने कहा कि चीन पारंपरिक रूप से बुद्धिस्ट देश है, वर्तमान में चीन में सबसे ज्यादा संख्या बौधों की है. तिब्बतियन बुद्धिज्म को लोग वहां फॉलो कर रहे हैं. वहां सबसे ज्यादा संख्या बौधों की है. विश्वविद्यालय में बहुत बुद्धिस्ट स्कॉलर हैं. 3 साल पहले किए गए सर्वे के अनुसार, वहां तिब्बतियन बुद्धिज्म अपनाने वालों को संख्या में वृधि हुई है.

उन्होंने कहा कि हमारे पास सच्चाई की ताकत है. जबकि चाइनीज कम्युनिस्ट के पास बंदूक की ताकत है. तलाई लामा ने विश्व में फैल रही हिंसा की निंदा की. सामाजिक प्राणी होने के कारण करुणा अपनाना जरूरी है.

दलाई लामा ने कहा कि खुशी से मानसिक शांति मिलती है. मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना चाहिए. धर्म के नाम पर हिंसा नही होना चाहिए.