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बिहार : बारिश के थमते ही चमकी बुखार के 4 मरीज SKMCH में भर्ती, डॉक्टर सतर्क

मुजफ्फरपुर के अवाला वैशाली में 19, समस्तीपुर में पांच, मेतिहारी में दो, पटना में दो. बेगूसराय में छह और भागलपुर में एक बच्चे की मौत हुई है. इसके अलावा चमकी बुखार ने बेतिया के दो और गोपालगंज के एक बच्चे की जिंदगी छीन ली.

बिहार : बारिश के थमते ही चमकी बुखार के 4 मरीज SKMCH में भर्ती, डॉक्टर सतर्क
एसकेएमसीएच में चमकी बुखार के चार और मरीज भर्ती. (फाइल फोटो- ANI)

पटना : मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम यानी चमकी बुखार का कहर अभी भी जारी है. सोमवार को चमकी बुखार से पीड़ित चार बच्चों को इलाज के लिए एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया. हर कोई इस त्रासदी से उबरने के लिए बारिश का इंतजार कर रहा है. मानसून ने दस्तक दी और बारिश के बाद बच्चों की मौत पर लगाम लगा, लेकिन बारिश के बाद गर्मी और उमस से एक बार फिर लोग दहशत में हैं. बिहार में अब तक 168 बच्चों की मौत हो चुकी है. सबसे ज्यादा मौत मुजफ्फरपुर में हुई है.

मुजफ्फरपुर के अवाला वैशाली में 19, समस्तीपुर में पांच, मेतिहारी में दो, पटना में दो. बेगूसराय में छह और भागलपुर में एक बच्चे की मौत हुई है. इसके अलावा चमकी बुखार ने बेतिया के दो और गोपालगंज के एक बच्चे की जिंदगी छीन ली.

गर्मी और उमस के बीच सोमवार को चार बच्चों को मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया. एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ. सुनील शाही ने बताया कि पहले दो दिनों में बारिश के बाद चमकी बुखार पीड़ित बच्चों का भर्ती होना कम हुआ थी, लेकिन आज फिर एक दिन में चार बच्चे भर्ती हुए हैं. गर्मी को देखते हुए डॉक्टर इन बच्चों पर नजर बनाए हुए हैं. बेहतर चिकित्सा सुविधा देने की कोशिश कर रहे हैं.

एक ओर अस्पताल में चिकित्सकों की चुनौती बरकरार है. वहीं, राज्य सरकार की परेशानी भी कम होने का नाम नहीं ले रही. पहले ही इस मामले में सरकार की फजीहत हो चुकी है, लेकिन अब कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखने की जिम्मेदारी आयी है. बिहार में बेकाबू 'चमकी' बुखार को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट ने भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ दायर परिवाद मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने इनसेफेलाइटिस की बीमारी से मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत के मामले में सोमवार को केंद्र और बिहार सरकार को सात दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बीआर गवई की अवकाश पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को इस बीमारी से राज्य में हुई मौतों के बारे में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. पीठ ने बिहार सरकार को चिकित्सा सुविधाओं, पोषण और स्वच्छता और राज्य में स्वच्छता की स्थिति के बारे में एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश भी दिया है.

मुजफ्फरपुर में चमकी बुखर से हुई मौत पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया है उसे राज्य सरकार मानेगी. कोर्ट के आदेश को सम्मान करेगी सरकार.

इस मामले को लेकर प्रमुख विपक्षी दल आरजेडी राजभवन मार्च करने जा रही है और राज्यपाल को ज्ञापन सौपेंगी. सोमवार को राज्य के हर जिला मुख्यालय में आरजेडी के कार्यकर्ताओं ने धरना देकर इस मामले में राज्य सरकार की नाकामी बताते हुए विरोध जताया. मानसून सत्र में भी विपक्ष इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन कर सरकार को बर्खास्त करने की मांग उठाएगी.

वर्षों से इस गर्मी के महीने में मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में इंसेफेलाइटिस से बच्चें बीमार पड़ जाते हैं. इसके बावजूद इसको लेकर कोई एहतियात नहीं बरते गए. हालांकि स्वास्थ्य सचिव संजय कुमार पहले से जागरूकता अभियान चलाने की बात कह रहे हैं, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में किसी को भी इसको लेकर कोई जागरूकता नहीं दिखी. स्थानीय लोग सरकार के दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं. बीजेपी के सांसद भी राज्य के बच्चों में कुपोषण को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं, लेकिन जवाब देने के लिए कोई तैयार नहीं है.