डॉक्टर की स्वास्थ्य मंत्री को धमकी, कहा-हमारी ताकत का अंदाजा नहीं, मरीज नहीं होते तो जमकर पिटाई करते

Ghatshila Samachar: स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के मौखिक आदेश पर आदित्यपुर के इस 111 सेव लाइफ नर्सिंग होम की जांच करने सिविल सर्जन सराईकेला से एक जांच टीम अस्पताल पहुंची.

डॉक्टर की स्वास्थ्य मंत्री को धमकी, कहा-हमारी ताकत का अंदाजा नहीं, मरीज नहीं होते तो जमकर पिटाई करते
डॉक्टर की स्वास्थ्य मंत्री को धमकी. (फाइल फोटो)

Ghatshila: 'हमारे अस्पताल का ताकत का अंदाजा स्वाथ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को नहीं है, हमारे अस्पताल को जांच करने का आदेश देकर स्वाथ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बहुत बड़ी गलती कर दी है. अगर अस्पताल में क्रिटिकल पेसेंट भर्ती नहीं रहते तो ऐसे में जांच टीम और स्वास्थ्य मंत्री को हम दमभर कुटाई करते.' धमकी भरे लहजे में यह बात जमशेदपुर से सटे सरायकेला जिला के आदित्यपुर में स्थित निजी अस्पताल के 111 सेव लाइफ अस्पताल के संचालक डॉ.ओपी आनंद ने कही. 

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दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता (Health Minister Banna Gupta) के मौखिक आदेश पर आदित्यपुर के इस 111 सेव लाइफ नर्सिंग होम की जांच करने सिविल सर्जन सराईकेला से एक जांच टीम अस्पताल पहुंची. लेकिन अस्पताल के संचालक के आगे उनकी एक न चली और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बगैर जांच किए बिना ही लौटना पड़ा. वहीं, नर्सिंग होम के संचालक ने कहा कि 'स्वास्थ्य मंत्री आपने बड़ी भूल की है, हम ओपी आनंद है, मरीज का लिहाज किया गया, नहीं तो जांच कमेटी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटता, ऐसे मंत्री और अधिकारी को तो हम कूटकर रख देंगे.'

बता दें कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के मौखिक आदेश पर सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित 111 सेव लाइफ नर्सिंग होम की जांच करने के लिए सरायकेला-खरसावां जिले के प्रभारी सिविल सर्जन टीम पहुंची. दोपहर करीब 12 बजे पूरी टीम वहां कोरोना को लेकर क्या जांच, इलाज और क्या चार्ज लिया जा रहा है.  इसकी जांच करने के लिए यह टीम पहुंची है. यह मौखिक आदेश स्वास्थ्य मंत्री ने दिया था कि जांच कीजिए और तत्काल रिपोर्ट दीजिए. इसके बाद प्रभारी सिविल सर्जन पूरी दल बल के साथ पहुंचे. यहां जाकर इन लोगों ने दस्तावेजों की मांग की. लेकिन कोई दस्तावेज दिखाने से नर्सिंग होम के संचालक ने इनकार कर दिया. वहीं, इसके बाद टीम बैरंग लौटने पर मजबूर हो गई. 

इस दौरान प्रभारी सिविल सर्जन ने कहा कि अभी मामले की जांच करने के लिए गये थे, लेकिन कोई दस्तावेज या मरीजों से वे लोग मिल नहीं सकें. इसके बाद वे लोग रिपोर्ट बनाकर सौंपेंगे. इधर, दूसरी ओर नर्सिंग होम के संचालक डॉ ओपी आनंद ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि मरीजों को लेकर उनका नर्सिंग होम और वे खुद काफी संजिदा रहते है. वह सेवा के साथ काम करते है. लेकिन इस तरह पेरशान करने की नियत के साथ कोई काम करेगा तो गलत होगा. 

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उन्होंने कहा कि सरकार मंत्रियों और विधायकों पर करोड़ों खर्च कर दे रही है, लेकिन आम मरीजों के लिए 6000 रुपए का रेट तय किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें  वैसे भी रेट तय करने का कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया है. इधर, उन्होंने चेतावनी दी कि मंत्री बन्ना गुप्ता इस तरह के कारनामे से बाज आए. उन्होंने आज अस्पताल के साथ कोरोना मरीजों का लिहाज कर दिया नहीं तो ऐसे जांच टीम को दौड़ा-दौड़ाकर पीटता. वहीं, उन्होंने कहा कि ओपी आनंद पर ऊंगुली उठाना गलत होगा. 

(इनपुट-रणधीर कुमार सिंह)