close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

झारखंड हाईकोर्ट से मिली लालू यादव को राहत!

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव चारा घोटला मामले में सजायाफ्ता हैं. लालू यादव के द्वारा झारखंड हाईकोर्ट में चारा घोटाला मामले में सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया गया है.

झारखंड हाईकोर्ट से मिली लालू यादव को राहत!
झारखंड हाईकोर्ट ने लालू यादव की याचिका पर सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है. (फाइल फोटो)

रांचीः आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव चारा घोटला मामले में सजायाफ्ता हैं. लालू यादव के द्वारा झारखंड हाईकोर्ट में चारा घोटाला मामले में सीबीआई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई थी. शुक्रवार (27 अप्रैल) को हाईकोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है. इस मामले में हाईकोर्ट ने निचली अदालत से केस के संबंध में रिकार्ड मांगा है. बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव को 14 साल की सजा सुनायी है. इस फैसले के खिलाफ लालू यादव ने याचिका दायर की थी.

हाल के समय में लालू यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. ऐसे में हाईकोर्ट के द्वारा याचिका की सुनवाई को स्वीकार करने के बाद यह लालू के लिए राहत माना जा रहा है. हालांकि लालू यादव का इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा है. वह जेल जाने के बाद से बीमार हैं.

झारखंड हाईकोर्ट ने चारा घोटाले में सजायाफ्ता डॉ जगन्नाथ मिश्र की प्रोविजनल बेल को 11 मई तक के लिए बढ़ा दिया है. कोर्ट ने उनके इलाज के बारे में जानकारी मांगी है और उनके स्वास्थ्य में होने वाले सुधारों के बारे में भी पूछा गया है. कोर्ट ने इस संबंध में रिपोर्ट पेश करने के लिए भी कहा गया है. उनकी बीमारी को देखते हुए कोर्ट ने प्रोविजनल बेल की सीमा बढ़ायी है.

खबरों के अनुसार लालू प्रसाद के द्वारा याचिका में कहा गया है कि सीबीआई कोर्ट का फैसला सही नहीं है. कहा गया है कि किसी व्यक्ति को एक साजिश के लिए कई बार सजा नहीं दी जा सकती है. यह संविधान के आर्टिकल 20(2) का उल्लंघन है. उन्होंने दुमका कोषागार मामले में दिए गए फैसले को निरस्त करने की मांग की थी.

गौरतलब है कि सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने चारा घोटाले में लालू यादव को 7-7 साल की सजा सुनायी थी. इसके अलावा उनपर 30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में कोर्ट ने लालू यादव समेत 19 लोगों को सजा सुनायी थी.