घाटशिला: भेड़-बकरियों के हक के लिए धरने पर बैठा शख्स, लोगों के लिए बना कौतूहल का विषय

झारखंड के घाटशिला में जहां एक पूर्व सैनिक और जेविएम नेता पुलिस और प्रशासन के भ्रष्टाचार के अलावा बकड़ी और भेंड के अधिकारों को लेकर घाटशिला एसडीओ कार्यालय के पास अमनारण अनशन पर बैठा है.

घाटशिला: भेड़-बकरियों के हक के लिए धरने पर बैठा शख्स, लोगों के लिए बना कौतूहल का विषय
भेंड-बकड़ी के साथ अनशन लोगों के बीच कौतुहल का विषय बना हुआ है.

घाटशिला: अपनी  मांगों को लेकर सत्ता-व्यवस्था के खिलाफ देश में विरोध प्रदर्शन का कई तरीका आपने देखा होगा लेकिन क्या कभी आपने भेंड-बकड़ी के हक और अधिकार को लेकर आमरण अनशन पर इन जानवरों के साथ बैठा शायद ही कभी देखा होगा. 

झारखंड के घाटशिला में जहां एक पूर्व सैनिक और जेविएम नेता पुलिस और प्रशासन के भ्रष्टाचार के अलावा बकड़ी और भेंड़ के अधिकारों को लेकर घाटशिला एसडीओ कार्यालय के पास आमरण अनशन पर बैठा है. यह जो लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है.

बीएसएफ का पूर्व सैनिक और जेविएम नेता विमल सिंह मुंडा घाटशिला के धालभूमगढ़ का रहने वाला है और वह किसी काम के लिए अपने चरित्र प्रमाण बनवाने धालभूमगढ़ थाना गया हुआ था. थाने में एसआई एस.एन ओझा ने विमल सिंह मुंडा से खर्चा के नाम पर पैसे की मांग की जो इन्हें नागवार गुजरा. 

उन्होंने कहा कि हमलोगों को सेना में ऐसा नहीं सिखाया गया था और उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया जिसके बाद एसआई ओझा जी फार्म को बिना साइन मुहर कर वापस लौटा दिया. इसकी शिकायत विमल डीसी, एसएसपी और एसडीओ, डीएसपी तक से कर चुके हैं पर किसी तरह कोई कारवाई नहीं हुई. 
इसके बाद विमल ने गांव की एक और समस्या जिसमें सरकार द्वारा दिए जाने वाले बकड़ी और पशु सेड में अनियमितता सहित कई और मुद्दों को लेकर घाटशिला एसडीओ कार्यालय के सामने फुलडूंगरी चौक के पास तम्बू लगाकर अनिश्चित कालीन अनशन पर बैठ गए हैं. उनके साथ दर्जनों भेंड़ तथा बकरी को भी उन्होंने रखा है.

उन्होंने अपने माता-पिता की तस्वीर को आई-कार्ड बनाकर गले में लटका कर अपने पारम्परिक हथियार तीर धनुष लेकर बैठे पूर्व सेना बिमल सिंह मुंडा ने कहा की मेरे माता पिता ने कहा था कि कभी गलत काम मत करना और सच का साथ अंतिम समय तक देना. इसलिए अपने माता पिता को अपने आन्दोलन का साक्षी मान कर उसके फोटो को लगाया हूं. 

विमल सिंह मुंडा ने कहा की जिसको जुबान नहीं है उसके लिए भी सहानुभूतिपूर्वक लोगों को विचार करना चाहिए. अपने धरने पर भेड़-बकड़ी को भी बैठाने के सवाल पर विमल सिंह मुंडा ने कहा सरकार ने जिसके पास बकड़ी नहीं है उसे पशु और बकड़ी सेड बनवाकर दिया है और जिसके पास बकड़ी और भेड़ है उसे कुछ नहीं मिला. इन जानवरों के हक और अधिकार को लेकर अनशन में शामिल किया गया है.

अनशन पर बैठे पूर्व सेना के जवान और बीजेपी नेता विमल सिंह मुंडा का कहना है जब तक इनके मांगो को नहीं पूरा किया जता है इनका अनशन जारी रहेगा.