पटना: लालू यादव की MP-MLA कोर्ट में पेशी आज, मानहानि के मुकदमे में होगी सुनवाई

एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज राजीव नयन ने पेशी के लिए वारंट जारी किया था. आपको बता दें कि लालू प्रसाद यादव अभी चारा घोटाले मामले को लेकर जेल में हैं. 

 पटना: लालू यादव की MP-MLA कोर्ट में पेशी आज, मानहानि के मुकदमे में होगी सुनवाई
लालू प्रसाद यादव की आज पटना के एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी होगी. (फाइल फोटो)

पटना: लालू प्रसाद यादव की आज पटना के एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी होगी. कोर्ट ने मानहानि के एक मामले में पेशी के लिए लालू प्रसाद यादव के खिलाफ वारंट जारी किया है. 

एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज राजीव नयन ने पेशी के लिए वारंट जारी किया था. आपको बता दें कि लालू प्रसाद यादव अभी चारा घोटाले में जेल में हैं. पटना एमपी एमएलए कोर्ट में चल रहे मानहानि के आपराधिक मुकदमे की सुनवाई लंबित चल रही है. 

वहीं, लालू यादव की कोर्ट में पेशी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए होगी. साल 2017 में भागलपुर के रिटायर्ड अधिकारी उदय कांत मिश्रा ने लालू यादव पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था. 

दरअसल, साल 2017 में लालू यादव ने कहा था कि सीएम नीतीश कुमार भागलपुर आते हैं तो उदय कांत मिश्रा के घर पर ही रुकते हैं. लालू यादव ने साथ ही कहा था कि उदय कांत सृजन घोटाले के आरोपियों के संरक्षक हैं. 

मालूम हो कि लालू के ऊपर चारा घोटाले के अलग-अलग मामलों पर सुनवाई चल रही है. फिलहाल झारखंड हाईकोर्ट ने देवघर कोषागार मामले में तो लालू को जमानत पर बरी कर दिया था लेकिन दुमका कोषागार मामले में उन्हें 7 साल जेल की सजा काटने का सजा सुनाई गई है.

इस सजा को वे रांची के बिरसा मुंडा जेल से ही काट रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से स्वस्थ्य परेशानियों से जूझ रहे लालू यादव फिलहाल रांची रिम्स में भर्ती हैं. अदालत ने स्वस्थ्य समस्याओं को देखते हुए उन्हें पैरोल दी गई है. अब उनके लिए मुश्किल यहीं है कि स्वस्थ्य खराब होने के बावजूद उन्हें अदालत में पेशी देनी होगी. फिलहाल के लिए तो ऐसा ही लगता है.

लालू यादव को इसी साल दुमका के राजकोष से गलत तरीके से 3.13 करोड़ रुपए की निकासी करने का चौथा मामला खुला था. उस मामले में सीबीआई ने कोर्ट में कुछ सुराग पेश किए. कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया और सजा सुनाई कि लालू को 14 साल जेल में गुजारने होंगे और 60 लाख रुपए का फाइन भी भरना होगा. यह पूरा खेल 1990 के दशक का है. 

एडवोकेट विष्णु शर्मा ने उस वक्त कोर्ट के बाहर लालू पर दायर धाराओं के बारे में बताया था. उन्हें कहा कि भारतीय दण्डाधिकार की धारा 420 (चीटिंग), धारा 409( किसी सरकारी सेवार्थी द्वारा आपराधिक मामलों में सेंध), धारा 467( फोर्जरी), धारा 471, धारा 477 और धारा 120 B (आपराधिक षडयंत्र) के मामले में दोषी पाया गया और 30 लाख की भुगतान राशि के अलावा 7 साल की सजा सुनाई गई है. यह मामला भ्रष्टाचार निरोधक कानून से संबंधित था. लालू पर दोनों ही सजा साथ-साथ चलेगी.