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बिहारः पैसों की तंगी लगा रही है पर्वतारोही मिताली के सपनों पर ग्रहण

मिताली प्रसाद को अफ्रीका की दुर्गम चोटी किलिमंजारो पर चढ़ाई करने के लिए आमंत्रण मिला है.

बिहारः पैसों की तंगी लगा रही है पर्वतारोही मिताली के सपनों पर ग्रहण
मिताली को किलिमंजारों पर्वत पर चढ़ाई करने का आमंत्रण मिला है.

पटनाः पटना यूनिवर्सिटी में राजनीतिशास्त्र की छात्रा मिताली प्रसाद पढ़ाई के साथ ही माउंटेनियरिंग यानि पर्वतारोहण कर रही है. मिताली प्रसाद को अफ्रीका की दुर्गम चोटी किलिमंजारो पर चढ़ाई करने के लिए आमंत्रण मिला है, लेकिन पैसे की तंगी के कारण उसके सपनों पर ग्रहण लगने की आशंका है. यूनिवर्सिटी ने भी नियमों का हवाला देते हुए मिताली की अर्जी पर केवल आश्वासन दिया है.

बिहार में प्रतिभा की कमी नहीं है. यहां के छात्र और छात्रा पढ़ाई के साथ ही दूसरी प्रतिभाओं के जरिए देश विदेश में बिहार ही नहीं देश का नाम रौशन करते रहे हैं. लेकिन कुछ ऐसे भी प्रतिभाएं है जो महज पैसे के अभाव में अपनी प्रतिभा को मंजिल तक पहुंचाने में सफल नहीं हो पाती है. ऐसी ही हालत पटना विश्वविद्यालय में राजनीतिशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुअट करने वाली मिताली प्रसाद की है.

मिताली को दुनिया की दुर्गम चोटियों में मशहूर किलीमंजारो पर्वत पर चढ़ाई करने का आमंत्रण मिला है. बता दें कि किलीमंजारो अफ्रीका का सबसे ऊंचा पहाड़ है जिसकी ऊंचाई 4900 मीटर है और ये अफ्रीका के तंजानिया देश में पड़ता है. मिताली प्रसाद के मुताबिक तंजानिया आने-जाने और इस पर चढ़ाई का खर्च है 3 लाख 30 हजार 400 रुएये है. लेकिन पैसे की तंगी उसके सपने को पूरे करने में आड़े आ रही है.

वहीं, पूरे मामले में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कर्नल मनोज मिश्रा के मुताबिक, यूनिवर्सिटी की तरफ से जिन खेलों के लिए मदद दी जाती है उसमें पर्वतारोहण शामिल नहीं है. यह व्यक्तिगत खेल होता है. लिहाजा यूनिवर्सिटी के हाथ बंधे हैं. हालांकि मिताली प्रसाद की मदद के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन एक बैठक करने जा रहा है. जिसके बाद इस पर फैसला लिया जा सकता है.

गौरतलब है कि एक पर्वतारोही का सातों महादेश की सबसे ऊंचे पर्वत पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने का मकसद होता है. इसी मकसद को पूरा करने के लिए मिताली ने तंजानिया के यूनिक अफ्रीका टूर एंड साफारिज में अप्लाई किया था. सारी योग्यताओं को परखने के बाद मिताली को यूनिक अफ्रीका टूर एंड साफारिज ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे पर्वत किलीमंजारो पर चढ़ाई करने के लिए न्योता मिला. मिताली को 27 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित इस इवेंट में किलीमंजारो पर चढ़ाई करनी है. मिताली पूरा प्रयास पैसे के इंतजाम करने में लगी हुई है.

अब मिताली के पास मुश्किल से 10 दिन का वक्त है. इन 10 दिनों में मिताली के पास अगर पैसे पूरे हुए तो उसका सपना पूरा हो सकेगा और अगर ऐसा नहीं हुआ तो एक अच्छी खासी प्रतिभा पैसे के अभाव में दम तोड़ती नजर आएगी.