मुंगेरः AK-47 मामले में आरोपियों को बेल न मिले, पुलिस ने कर रखी है तैयारी

 एके-47 मामले में जेल में बंद हथियार तस्कर बाहर निकलने के लिए बेताब है

मुंगेरः AK-47 मामले में आरोपियों को बेल न मिले, पुलिस ने कर रखी है तैयारी
एके-47 मामले में अपराधियों पर पुलिस शिकंजा कस रही है. (फाइल फोटो)

मुंगेरः एके 47 मामले को लेकर पुलिस किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मंशा में नहीं दिख रही. जहां पुलिस बांकी के बचे 40 से 50 एके-47 को बरामद करने में अपनी सारी जुगत भिड़ा दी है.  तो वहीं दूसरी और मुंगेर पुलिस एके 47 मामले में गिरफ्तार तस्करों को कोर्ट से किसी भी प्रकार रियायत न मिले इसको ले भी पूरी तैयारी की है. पिछले 6 माह से किसी भी अभियुक्त को बेल न मिले इसको लेकर विशेष टीम गठित कर डायरी को मजबूत से कोर्ट के समक्ष पेश करवाई जी रही है. 

दरअसल, एके-47 मामले में जेल में बंद हथियार तस्कर बाहर निकलने के लिए बेताब है, लेकिन गंभीर आरोप और पुलिस की सक्रियता के कारण उन अपराधियों को जमानत नहीं मिल पा रही है. बुधवार को एडीजे प्रथम पुरुषोत्तम मिश्रा ने जहां यूपी के आकाश कुमार के नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया. वहीं, एके-47 मामले के मास्टर माइंड मंजर आलम के सहयोगी मो. लुकमान एवं उसकी पत्नी आयशा बेगम के अग्रिम जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया गया. 

लोक अभियोजक मो शमीम अनवर ने बताया की हथियार तस्कर मंजर खान उर्फ मंजी से नजदीकी संबंध रखने वाले तस्कर गया निवासी राजीव कुमार सिंह की भी जमानत याचिका कोर्ट ने ख़ारिज कर दी. बता दें कि 29 अगस्त 2018 को जमालपुर के जुबली वेल चौक पर पुलिस ने मिर्जापुर बरदह निवासी मो. इमरान को तीन एके-47 हथियार के साथ गिरफ्तार किया था. जिसके बाद मुंगेर से मध्यप्रदेश के जबलपुर सीओडी के कनेक्शन का खुलासा हुआ.

इस मामले में पुलिस ने इमरान की पत्नी सदा रिफत को भी गिरफ्तार किया. जबकि गया जिले के राजीव रंजन उर्फ मास्टर एवं हवेली खड़गपुर के मुज्जफरगंज के मुखिया कुंदन मंडल को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया. जो जेल में बंद है. कुंदन मंडल ने रेगुलर बेल के लिए आवेदन किया है. जिसकी सुनवाई एडीजे वन के न्यायालय में 11 फरवरी को होना है. जबकि रजीव रंजन उर्फ मास्टर के बेल पर सुनवाई 12 फरवरी एवं सदा रिफत के बेल पर 13 फरवरी को की जायेगी.

(रिपोर्टः प्रशांत कुमार)