पटना: RLSP मार्च में लाठीचार्ज पर बोले नीतीश कुमार- 'पुलिस को पीटिएगा तो वो कैसे छोड़ेंगे'

नीतीश कुमार ने कहा कि मैं ज्यादा टेलीविजन देख नहीं पाता हूं लेकिन मुझे जो जानकारी मिली है, उसी के आधार पर बोल रहा हूं. अभी चुनाव का समय है, सबको हाईलाइट होना है इसलिए, ये सब किया गया. 

पटना: RLSP मार्च में लाठीचार्ज पर बोले नीतीश कुमार- 'पुलिस को पीटिएगा तो वो कैसे छोड़ेंगे'
नीतीश कुमार ने आरएलएसपी पर कड़ा प्रहार किया है. (फाइल फोटो)

शैलेंद्र, पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरएलएसपी और उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना साधा. उनका कहना है कि मार्च के दौरान आरएलएसपी के नेताओं से पुलिस को उकसाने योजना पहले से बना रखी थी, जिसकी वजह से ये स्थिति बनी. उन्होंने कहा कि पुलिस के ऊपर पहले किसने प्रहार किया? पुलिस को क्यों लाठी चलानी पड़ी? ये सब कुछ रिकार्ड में है. टेलीविजन चैनल पर लगातार दिख रहा था. अब इसमें क्या कहना.  अगर ये नहीं होता, तो हाईलाइट कैसे होते और अब बंद कर रहे हैं.
 
नीतीश कुमार ने कहा कि मैं ज्यादा टेलीविजन देख नहीं पाता हूं लेकिन मुझे जो जानकारी मिली है, उसी के आधार पर बोल रहा हूं. अभी चुनाव का समय है, सबको हाईलाइट होना है इसलिए, ये सब किया गया. मुख्यमंत्री ने डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को निर्देश दिया है कि पुलिस को ऐसे मामलों में संयम बरतना चाहिये, क्योंकि आगे भी उकसाने की कोशिश होगी.

सीएम ने कहा कि पुलिस पर ईंट-पत्थर चलानेवाले भाग जाते हैं और लाठीचार्ज का शिकार उस व्यक्ति को होना पड़ता है, जो मार्च में आगे चल रहा होता है. ऐसे मामलों में पुलिस जल्दी सुनती नहीं है खासकर जब तक उसका कोई बड़ा अधिकारी ना रोके. लेकिन मैं पुलिस अधिकारियों से कहना चाहुंगा कि वो संयम से काम लें. किसी के उकसावे में नहीं आएं.
 
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार से संबंधी आर्डिनेंस फाड़ कर जो छवि बनायी थी, उसको खुद ही धूमिल कर लिया. वो वोट के लिए ऐसे लोगों के साथ खड़े हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की छवि तेजी से खराब हुई है. वो बिहार आए थे लेकिन वो किन लोगों के साथ खड़े थे.

सीएम ने बिना नाम लिए लालू परिवार के बारे में कहा कि कोर्ट क्या गलत फैसला देती है. कोर्ट से सजा हुई है. सीएम ने कहा कि जो भ्रष्टाचार से समझौता करेगा, उसे जनता कभी माफ नहीं करेगी. 

राम मंदिर पर हमारा रुख साफ
सीएम नीतीश कुमार से जब प्रयागराज की धर्म संसद में राम मंदिर निर्माण के फैसले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि हमारा रुख शुरू से ही इस मुद्दे पर साफ है. जब कोर्ट में मामला है, तो कानून का जो फैसला होगा, उसको माना जायेगा. सीएम ने कहा इसके आलावा तब कोई बात बन सकती है, जब दोनों पक्ष आपस में बैठक कर कोई निर्णय लें.