बिहार: महागठबंधन की मौजूदा स्थिति पर शुरू सियासत, RLSP ने कोरोना संक्रमण से की तुलना

 महागठबंधन की तुलना कोरोना से की. महागठबंधन भी कोरोना से संक्रमित हो गया है. कोरोना का अभी कोई इलाज नहीं है. कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं आई है. महागठबंधन संक्रमण से बाहर निकलेगा इसकी संभावना कम है.

बिहार: महागठबंधन की मौजूदा स्थिति पर शुरू सियासत, RLSP ने कोरोना संक्रमण से की तुलना
बिहार: महागठबंधन की मौजूदा स्थिति पर शुरू सियासत, RLSP ने कोरोना संक्रमण से की तुलना. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में पिछले दिनों उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) के बयान के बाद महागठबंधन के अंदर की आपसी कलह साफ नजर आने लगी है. सीट शेयरिंग में देरी से परेशान दल अब मुखर हो कर बोल रहे हैं. महागठबंधन की मौजूदा स्थिति पर बीजेपी प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने कहा कि पहले से ही कह रहे हैं, महागठबंधन में कुछ ठीक नहीं है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, गठबंधन की गांठ खुलती चली जाएगी.

उन्होंने कहा कि विधायकों के बाद मांझी जी ने अलग होने का फैसला लिया है. उपेंद्र कुशवाहा भी आरजेडी से अलग हो रहे हैं. वीआईपी जैसी पार्टियां भी आरजेडी से अलग होने का फैसला ले सकती हैं. तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) किसी को सम्मान नहीं देते हैं. तेजस्वी महागठबंधन में स्वयंभू नेता बने हुए हैं, जिन्हें अपमान की शक्ति है वहीं अब महागठबंधन में रहेंगे.

इस मामले पर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि महागठबंधन जनता के दिलों का बंधन है. राज्य की 12 करोड़ जनता तेजस्वी यादव को सीएम बनते देखना चाहती है. जो लोग चुनाव को देखते हुए इधर-उधर जा रहे हैं उसे जनता सबक सिखाएगी. उन्होंने कहा कि महागठबंधन का दायरा तो बढ़ता जा रहा है. सपा ने अपना समर्थन दिया. वामपंथी पार्टियां महागठबंधन के साथ हैं.

जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि महागठबंधन को एक पार्टी ने आईसीयू में बताया है. इससे महागठबंधन की हालत समझी जा सकती है. तालमेल के लिए महागठबंधन में कोहराम की स्थिति है. तेजस्वी यादव की स्वीकार्यता बिल्कुल नहीं है.

तेजस्वी यादव की स्वीकार्यता न तो जनता के बीच है और न ही गठबंधन के दलों में. पहले हम ने अलविदा कहा. अब दूसरे दल भी ऐसी घोषणा कर सकते हैं. तेजस्वी यादव के अहंकार से सबकुछ गड़बड़ हो गया है. तेजस्वी यादव की क्षमता में नहीं है कि वह महागठबंधन को चला पाएं.

महागठबंधन की मौजूदा स्थिति पर कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि एनडीए के साथी महागठबंधन की चिंता न करें. NDA के लोग पहले ये बताएं कि, लोजपा उनके साथ हैं या नहीं. चिराग पासवान अभी एनडीए के साथ हैं या नहीं. अगर चिराग पासवान एनडीए के साथ लड़ेंगे तो उनकी हैसियत क्या होगी.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को चिराग पासवान मुख्यमंत्री मानने से इंकार कर रहे हैं. नीतीश कुमार को भ्रष्ट मुख्यमंत्री बता चुके हैं चिराग पासवान. 2015 से भी अधिक सीट के साथ महागठबंधन चुनाव जितेगा.

इस मामले पर RLSP के प्रधान महासचिव माधव आनंद ने कहा कि महागठबंधन की तुलना कोरोना से की. महागठबंधन भी कोरोना से संक्रमित हो गया है. कोरोना का अभी कोई इलाज नहीं है. कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं आई है. महागठबंधन संक्रमण से बाहर निकलेगा इसकी संभावना कम है.

उन्होंने यह भी कहा कि RLSP की बात हर जगह चल रही है. जितने भी विकल्प हैं उस पर विचार हमलोग कर रहे हैं. बहुत जल्द ही अगले कदम की घोषणा करेंगे.