पुलवामा हमलाः शहीद विजय सोरेंग ने किया था पत्नी से एक छोटा घर बनवाने का वादा

शहीद विजय सोरेंग का बेटे अरुण ने अब सेना में भर्ती होने का जिद ठान चुका है. उसका कहना है कि पिता के मौत का बदला मैं खुद लूंगा. 

पुलवामा हमलाः शहीद विजय सोरेंग ने किया था पत्नी से एक छोटा घर बनवाने का वादा
गुमला का बेटा विजय सोरंग भी पुलवामा हमले में शहीद हो चुका है.

गुमलाः जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए शहीद जवानों को आज पूरा देश श्रद्धांजलि दे रहा है. वहीं, शहीद जवानों के घरों में चीख पुकार गूंज रही है. शहीद जवानों के मां-पिता की चीख और आंसू से ऐसा माहौल है कि एक पत्थर की आत्मा भी कांप जाए. लेकिन आतंकी घटना के बाद शहीद जवानों के परिवार समेत पूरे देश की जनता में रोष व्याप्त हैं. यहां तक की शहीद जवान के घर वाले खुद इसका बदला लेने के लिए लड़ने की चाहत रखते हैं.

जवानों की शहादत पर केवल शहीद परिवार ही नहीं बल्कि पूरा देश रो रहा है. जहां जवानों की शहादत पर गम का माहौल है. वहीं, लोगों में आतंकियों से बदला लेने का आक्रोश जता रहे हैं. झारखंड के गुमला का बेटा विजय सोरेंग भी पुलवामा हमले में शहीद हो चुका है. इस बात की जानकारी जब विजय के परिवार को हुई तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई.

शहीद विजय सोरेंग की मां ने बताया कि उन्हें खबरों से पता चला कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला हुआ है. उन्हें पहले संदेह हुआ था कि विजय भी शायद वहां गया है. लेकिन रात 1.30 बजे उन्हें ऑफिसियल सूचना दी गई तो उनके आखों के आंसू रूक नहीं पाए. परिवार समेत पूरा फरसमां गांव में मातम छा गया. परिवार वालों का कहना है कि एक हफ्ते पहले ही विजय छुट्टी से वापस ड्यूटी पर गया था. उन्हें क्या पता था कि विजय को वह अब कभी नहीं देख पाएंगे.

Pulwama terrorist attack martyr Vijay Soren form gumla in Jharkhand
शहीद विजय सोरेंग की पत्नी और बेटा

शहीद विजय सोरेंग की पत्नी खुद एक कॉस्टेबल हैं. विजय की पत्नी का जहां रो-रो कर बुरा हाल है वहीं, उनके दिल में आतंकियों के प्रति गुस्सा है. वह बार-बार अपने पति का बदला लेने की बात कह रही हैं. उन्होंने कहा कि अगर भारतीय सेना में आतंकियों को मारने के लिए सैनिक कम पर रहे हैं तो पूरा परिवार आतंकियों से लड़ने को तैयार है. विजय की पत्नी ने कहा कि उनके बेटे को फौज में शामिल किया जाए जिससे की वह अपने पिता की शहादत का बदला ले सके.

शहीद विजय सोरेंग की पत्नी ने बताया कि 8 दिन की छुट्टी में विजय आए थे. उन्होने कहा था कि इस बार 10 दिन की छुट्टी में आऊंगा. साथ ही उन्होंने एक छोटा सा घर बनाने का वादा किया था. उन्होंने कहा था कि घर के टाइल्स पंजाब से लाएंगे और एक छोटा सा घर बनवाएंगे. लेकिन अब उनका घर बनाने का सपना अधुरा रह गया है.

शहीद विजय के पांच बच्चे और बच्चियां है. वहीं, बड़े बेटे अरुण ने अब सेना में भर्ती होने का जिद ठान चुका है. उसका कहना है कि पिता के मौत का बदला मैं खुद लूंगा. वह सरकार से आग्रह कर रहा है कि उसे फौज में भर्ती किया जाए जिससे की अपने पिता की शहादत का बदला ले सके. साथ ही किसी और बेटे को पिता खोने की नौबत न आ सके.

फिलहाल पूरा परिवार अब शहीद विजय सोरेंग के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहा है. जहां पूरा गांव उनके साथ खड़ा है. वहीं सरकार ने भी शहीद विजय के परिवार को सांत्वना दी है. साथ ही रघुवर सरकार ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 10 लाख रुपये की राशि देने का ऐलान किया है.