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तेजस्वी के वोट नहीं डालने के मामले ने पकड़ा तूल, राबड़ी देवी ने चुनाव आयोग पर फोड़ा ठीकरा

जेडीयू ने तेजस्वी यादव से नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देने की मांग कर दी है. वहीं, राबडी देवी ने ट्वीट कर तेजस्वी यादव का बचाव किया है.

तेजस्वी के वोट नहीं डालने के मामले ने पकड़ा तूल, राबड़ी देवी ने चुनाव आयोग पर फोड़ा ठीकरा
राबडी देवी ने ट्वीट कर तेजस्वी यादव का बचाव किया है.

पटना: तेजस्वी यादव के वोट नहीं करने का मामला तूल पकडने लगा है. जेडीयू ने तेजस्वी यादव से नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देने की मांग कर दी है. वहीं, राबडी देवी ने ट्वीट कर तेजस्वी यादव का बचाव किया है. साथ ही अपने बच्चों के वोट नहीं डालने का सारा ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड दिया है.

तेजस्वी यादव के वोट बहिष्कार का मामला तूल पकडने लगा है. जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने चिट्ठी लिखकर तेजस्वी यादव से नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देने की मांग कर दी है. नीरज कुमार ने अपने पत्र में लिखा है कि केवल पागलों और अपराध सिद्द दोषियों को ही वोट नहीं देने का अधिकार है. तेजस्वी यादव न तो पागल हैं और न ही सजा पा चुके अपराधी हैं. ऐसे में उन्हें वोट देने का अधिकार है. लेकिन उन्होंने वोट न देकर संवैधानिक अधिकारों का अपमान किया है. तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष के रुप में पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है. तेजस्वी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए.    

 

बेटे पर लगातार हमला होता देख आखिरकार मां राबडी देवी को बचाव के लिए मैदान में आना पडा. राबडी देवी ने ट्विट कर लिखा कि वोटिंग के दिन तेजस्वी यादव को साजिश के तहत फर्जी तरीके से फंसाने और बदनाम करने की तैयारी थी. वोटर लिस्ट में तेजस्वी यादव की जगह दूसरे सख्स की तस्वीर लगा दी गयी. वहीं मेरी बेटी सिंगापुर से वोट डालने पटना आयी लेकिन उसका नाम वोटर लिस्ट में नहीं था. ऐसे में जब नेता प्रतिपक्ष के साथ ऐसा हो सकता है तो आम जनता के साथ क्या होता होगा. राबडी देवी ने पूरे मामले में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खडे किए हैं. 

राबडी देवी के डिफेंसिव मोड में आने के बाद पार्टी के दूसरे बडे नेता भी तेजस्वी यादव को बचाने के लिए आगे आ गए. पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी के इस्तीफे की मांग को हास्यास्पद बताया है. शिवानंद तिवारी ने कहा है कि इस्तीफा तो नीतीश कुमार को देना चाहिए था. क्योंकि नीतीश ने विशेष दर्जे के मुद्दे पर सवा करोड बिहार वासियों का हस्ताक्षर दिल्ली भेजकर चुप्पी साध ली. संघ मुक्त भारत की बात कहकर संघ के साथ ही चले गये. जेडीयू के पास कोई मुद्दा नहीं तो वोट नहीं देने को अपना मुद्दा बना रहे.

इधर कांग्रेस ने भी तेजस्वी यादव का बचाव किया है. कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा है कि किसी कहने पर तेजस्वी क्यों इस्तीफा देंगे. तेजस्वी को नेता प्रतिपक्ष विधायकों ने बनाया है. क्या हमारी मांग पर जेडीयू अपने नेता का इस्तीफा दे सकता है. जेडीयू की मांग बेकार है.

तेजस्वी के वोट नहीं देने के मामले को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त जुबानी जंग छिडी हुई है. लेकिन दिलचस्प बात ये है कि तेजस्वी यादव ने अब तक मामले पर कोई सफाई नहीं दी है. जबकि दूसरे मामलों पर तेजस्वी अपनी राय ट्विटर के जरिए सार्वजनिक कर रहे हैं.