सीट शेयरिंग से पहले अहमद पटेल से मिले सहनी, कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर हुई बात

उपेंद्र कुशवाहा के बारे में बात करते हुए कहा कि हम लगातार संपर्क में हैं और अभी तक हमारे जानकारी के मुताबिक वे महागठबंधन में बने हुए हैं. वह एनडीए में नहीं गए हैं. आगे का रास्ता उन्हें ही तय करना है. 

सीट शेयरिंग से पहले अहमद पटेल से मिले सहनी, कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर हुई बात
सीट शेयरिंग से पहले अहमद पटेल से मिले सहनी, कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर हुई बात.

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhansabha election) से पहले आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन में एकलौती बची पार्टी वीआईपी सीट शेयरिंग समझौते को लेकर भागदौड़ में लगी हुई है. वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कांग्रेस के प्रमुख नेता अहमद पटेल से दिल्ली में मुलाकात की. उन्होंने बताया कि सीट शेयरिंग मसौदे में तेजी लाने को लेकर उनसे बातचीत हुई है.

मुकेश सहनी ने कहा कि दिल्ली आया था तो औपचारिक मुलाकात अहमद पटेल से की. उन्होंने कहा कि वह गठबंधन के साथ ही हैं. बड़े दल है जो मार्गदर्शन करेंगे. इस नाते उनसे मुलाकात करना जरूरी था और चुनावी बातचीत हुई. रणनीतियों पर बातचीत हुई.

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर मुकेश सहनी ने कहा कि इसको लेकर हम सब दल मांग कर रहे हैं. बहुत जल्दी बात बनते नजर आ रही है. आप लोगों के सामने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम आ जाएगा. खास तौर पर घोषणा पत्र से पहले.

जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस चुनाव प्रभारी सतीश सिंह ने कहा है कि बिहार में जो पुरानी सीटें हैं कांग्रेस की और आरजेडी की वह अपनी-अपनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. इसका मतलब बचता है. 102 सीटें अन्य गठबंधन के साथियों को कैसे और कितनी सीटें मिलेंगी.

इस चीज की हमें भी जानकारी मिली है, हमें भी बताया गया है कि कांग्रेस और आरजेडी अपनी-अपनी सीटिंग सीट को नहीं छोड़ेंगे. वह उस पर चुनाव लड़ेंगे, अब यह फैसला बहुत जल्दी हो जाएगा कि हमें कौन सी सीट और कितनी सीटें मिल रही है.

उपेंद्र कुशवाहा के बारे में बात करते हुए कहा कि हम लगातार संपर्क में हैं और अभी तक हमारे जानकारी के मुताबिक वे महागठबंधन में बने हुए हैं. वह एनडीए में नहीं गए हैं. आगे का रास्ता उन्हें ही तय करना है. 

जब सहनी से पूछा गया कि एलजेपी एनडीए से बाहर होते हुए नजर आ रही है. क्या एलजेपी की बातचीत महागठबंधन से हो रही है? इस पर उन्होंने कहा कि एलजेपी एनडीए से अलग हो जाए फिर जरूर हम इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे. चिराग पासवान से बातचीत के बाद उन्हें महागठबंधन में आने का न्योता भी देंगे.