close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

मुजफ्फरपुर: बच्चों की मौत पर नहीं थम रही सियासत, शिवानंद तिवारी ने साधा सीएम-डिप्टी सीएम पर निशाना

आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी के बयान पर प्रतिक्रिया हुई और डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट किया, तो आरजेडी नेता की ओर से भी जवाब दिया गया, लेकिन कांग्रेस और जदयू के नेता इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. 

मुजफ्फरपुर: बच्चों की मौत पर नहीं थम रही सियासत, शिवानंद तिवारी ने साधा सीएम-डिप्टी सीएम पर निशाना
डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट के जरिये जवाब दिया.

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में एईएस से हुई मौतों को लेकर बिहार में लगातार राजनीति जारी है, आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी के बयान पर प्रतिक्रिया हुई और डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट किया, तो आरजेडी नेता की ओर से भी जवाब दिया गया, लेकिन कांग्रेस और जदयू के नेता इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. 

मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में एईएस से अबतक 171 मासूमों की मौत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इस मुद्दे पर सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने चुप्पी नहीं तोड़ी है. विपक्ष लगातार दोनों पर निशाना साध रहा है और कह रहा है कि सरकार को जवाब देना होगा. अभी नहीं देगी, तो सदन में बोलना पड़ेगा. 

सीएम और डिप्टी सीएम पर निशाना साधते हुये आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने सवाल उठाये, तो डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट के जरिये जवाब दिया और आरजेडी पर निशाना साधा.

उन्होंने कहा, 'जिस पार्टी को लोकतंत्र से ज्यादा तंत्र-मंत्र पर भरोसा है और जहां तांत्रिक को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक बनाया जाता है, उस दल की सेवा में लौटे एक पूर्व सन्यासी जनता के सुख-दुख में साथ खड़ी रहनेवाली भ्रष्टाचारमुक्त एनडीए सरकार को श्राप दे रहे हैं. लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि जनता की पीड़ा से मुंह छिपानेवाले, मिथ्याभाषी और पुत्र मोह में संन्यासच्युत होनेवालों को श्राप निष्फल होते हैं. बच्चों की दुखद मृत्यु के बाद न सरकार चुप है, न पीड़ितों के बीच जाने से हिचकिचायी है, न सक्रियता में कोई कोताही बरती गयी.'

उप मुख्यमंत्री के ट्वीट पर आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने निशाना साधा और कहा कि हम अपने बयान पर अब भी कायम हैं. अगर सीएम और डिप्टी सीएम को अपराधबोध नहीं है, तो वो कैमरा देख कर भागते क्यों हैं.