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किशनगंज: खेत में जुताई में मिले ईस्ट इंडिया कंपनी के चांदी के सिक्के, लूटने के लिए उमड़ी भीड़

जमीन से चांदी के सिक्के निकलते ही ग्रामीणों ने इसे लूट लिया. ग्रामीणों द्वारा लुटे गए चांदी के सभी सिक्के वर्ष 1840 के ईस्ट इंडिया कंपनी के हैं जिस पर विक्टोरिया क्वीन का तस्वीर है और 1877 के हैं सिक्के जिस पर विक्टोरिया एम्प्रेस के फोटो के निशान छपे हैं.

 किशनगंज: खेत में जुताई में मिले ईस्ट इंडिया कंपनी के चांदी के सिक्के, लूटने के लिए उमड़ी भीड़
ग्रामीणों द्वारा लुटे गए चांदी के सभी सिक्के वर्ष 1840 के ईस्ट इंडिया कंपनी के हैं

किशनगंज: बिहार के किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड के सिंघीमाड़ी पंचायत से सटे नेपाल सीमा पर खेत जोतने के दौरान उस समय लोग हैरान रह गए जब जमीन से चांदी का खजाना निकला. जमीन से चांदी के सिक्के निकलते ही ग्रामीणों ने इसे लूट लिया. ग्रामीणों द्वारा लूटे गए चांदी के सभी सिक्के वर्ष 1840 के ईस्ट इंडिया कंपनी के हैं जिस पर विक्टोरिया क्वीन का तस्वीर है और कुछ सिक्के 1877 के हैं सिक्के जिस पर विक्टोरिया एम्प्रेस के फोटो के निशान छपे हैं.

दरअसल जमीन मालिक ताजपुरिया अरने खेत की जुताई कर रहे थे तभी यह चांदी का सिक्का जमीन के अंदर से निकला. जिसके बाद जमीन मालिक के खत में बिखरे ब्रिटिश कालीन चांदी के सिक्कों को बिछते देख आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए और चांदी का सिक्का लूटने लगो. फिर क्या था जिसको जितना सिक्का हाथ लगा वो लूट लिए.

 

दरअसल ट्रैक्टर से खेत जोतते वक्त घड़ा टूट गया था और सिक्का पूरे खेत में मिट्टी पर बिखर गया था. इसलिए घटना के बाद लगातार 2 दिनों तक इन सिक्कों को खोजने के लिए आस पड़ोस के गांव के लोग भी खेत में लगातार पहुंच रहे हैं.

दरअसल जिस खेत में चांदी के सिक्का मिला है, वह जमीन पुराने जमाने में गांव के हीं दो राजवंशी जमींदार चखु खुंदा ओर धुम्मा कीर्तनिया का था और  दोनों भाई के कोई भी वंशज इस दुनिया मे नहीं रह. इस कारण इस बात संभावना जताई जा रही है यह चांदी के सिक्के दोनों भाइयों द्वारा जमीन में गाड़ कर रखा गया होगा. वहीं, किशनगंज के प्रभारी जिला पदाधिकारी ने मामले की जांच की बात कही है.
--Pintu Kumar Jha, News Desk